नई दिल्ली: असम में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने राज्य में होने वाले चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 23 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई है, जिससे पार्टी की चुनावी रणनीति और स्पष्ट हो गई है।
इस नई सूची के साथ, कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए उम्मीदवारों की कुल संख्या अब 65 हो गई है। इससे पहले पार्टी ने अपनी पहली सूची में 42 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था। गठबंधन की राजनीति को साधते हुए कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों के लिए 15 सीटें छोड़ने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य में मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
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विवादों में घिरा एक टिकट
हालांकि, दूसरी सूची जारी होते ही एक सीट पर विवाद भी खड़ा हो गया है। पार्टी ने सृजनग्राम विधानसभा क्षेत्र से नूरुल इस्लाम को अपना उम्मीदवार बनाया है। नूरुल इस्लाम का नाम सामने आते ही पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि असम के पार्टी प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने पैसे लेकर नूरुल इस्लाम को टिकट दिया है। इस गंभीर आरोप को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को एक पत्र भी लिखा है, जिससे पार्टी की आंतरिक कलह सतह पर आ गई है।
प्रमुख चेहरे और परिवारवाद पर जोर
दूसरी सूची में कुछ अन्य प्रमुख नामों पर भी नजर डालें तो पार्टी ने बिरसिंग जरुआ से वाजिद अली चौधरी और मंडिया से अब्दुल खालिक पर भरोसा जताया है। इसके अलावा, न्यू गुवाहाटी सीट से पूर्व सांसद पंकज बोरा के बेटे शांतनु बोरा को टिकट दिया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने नेता-पुत्रों को टिकट दिया हो। पार्टी की पहली सूची में भी सांसद पुत्रों को उम्मीदवार बनाया गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अनुभव के साथ-साथ युवा चेहरों और राजनीतिक परिवारों पर भी दांव लगा रही है। अब तक कुल 65 उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सभी की निगाहें पार्टी के अगले कदमों पर टिकी हैं।