दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हुए हमले ने पूरे शहर को हिला दिया था। हमले का आरोपी, 41 वर्षीय राजेश साकरिया, जो गुजरात के राजकोट का निवासी है, को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शुक्रवार को उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया, ताकि उसकी मानसिक स्थिति, घटना की मंशा और किसी साजिश की संभावना पर गहराई से जांच हो सके।
आरोपी पर दर्ज आपराधिक धाराओं में सबसे प्रमुख है भारतीय दंड संहिता की धारा 109(1), यानी हत्या की कोशिश, साथ ही एक सार्वजनिक अधिकारी पर हमला और उसकी ड्यूटी में बाधा डालना भी शामिल है। इससे साफ होता है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। आरोपी की मां ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका बेटा पशु प्रेमी था। हालांकि, इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमला किस मकसद से किया गया, लेकिन यह बयान जांच को एक नए मोड़ की ओर ले जा रहा है।
सुरक्षा पर कई सवाल
यह मामला लोकतंत्र की संस्थागत सुरक्षा और प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर रहा है। विपक्ष और नागरिक समाज दोनों सुरक्षा में खामियों पर सवाल उठा रहे हैं यह घटना सिर्फ सीएम तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार और उसकी जनता के बीच रिश्ता, सुरक्षा ढांचा और पारदर्शिता पर भी असर डाल रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हमले के बाद कहा कि “यह हमला केवल मुझ पर नहीं था—यह लोकतंत्र पर और जनता की आवाज पर किया गया हमला था।”
विस्तृत पूछताछ की जाएगी
उन्होंने प्रशासन को घटनास्थल पर पूरी जांच करने और जिम्मेदारों को तत्काल कार्रवाई तक पहुंचाने का निर्देश दिया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी, कौन सी बातें घटना से पहले हुईं, क्या उसने किसी की मदद ली, या उसने योजना बनाई थी—जाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही, रिमांड के समाप्त होने पर आरोपी को अदालत में पेश कर इसके बाद की प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल जन सेवा सदन के दौरान सीएम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।





