अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़े जारी होने के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की नजर महंगाई भत्ते की नई दरों पर टिकी हुई है। इस बार जुलाई 2026 से मंहगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नवरात्रि (11 अक्टूबर) या दशहरे (20 अक्टूबर) के आसपास डीए की नई दरों का ऐलान हो सकता है।
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 60% की दर से DA का लाभ मिल रहा है। अगर 3% और वृद्धि होती है तो यह बढ़कर 63% हो जाएगा। चुंकी नई दरें जुलाई 2026 से लागू होंगी, ऐसे में जुलाई, अगस्त, सितंबर 2026 का एरियर भी मिलेगा। इसका लाभ 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन (DR) पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, 3% डीए बढ़ने पर 18,000 रुपये बेसिक पे पर कर्मचारियों को हर महीने डीए में 540, 30,000 रुपये बेसिक पे पर 900 और 50,000 रुपये बेसिक पे पर 1,500 रुपए का फायदा मिलेगा।
जल्द कैबिनेट में आएगा डीए वृद्धि का प्रस्ताव
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही (जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर) आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। जनवरी 2026 से केंद्र सरकार ने 2% DA में वृद्धि की थी, जिसका ऐलान अप्रैल 2026 में किया गया।
संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में डीए/डीआर वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। चुंकी आमतौर पर केंद्र सरकार जुलाई से लागू होने वाले DA की घोषणा सितंबर या अक्टूबर में करती है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद वित्त मंत्रालय की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए जाएंगे और फिर कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को बढ़े हुए डीए/डीआर का लाभ मिलने लगेगा।
यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद दूसरी समीक्षा होगी। बता दें कि जब तक 8वें वेतन आयोग के सैलरी स्लैब लागू नहीं हो जाते, तब तक कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत DA मिलता रहेगा।
AICPI इंडेक्स और DA गणना के मुख्य आंकड़े:
- जून 2026 AICPI-IW इंडेक्स: 151.9
- 12 महीनों का औसत AICPI-IW: 148.65
- गणना के अनुसार कुल DA: 63.76% (राउंड ऑफ होकर 63%)
- वर्तमान DA दर (जनवरी 2026 से): 60%
- संभावित वृद्धि: 3%
- प्रभावी तिथि: 1 जुलाई 2026
कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना?
7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता पिछले 12 महीनों के AICPI-IW आंकड़ों के औसत के आधार पर तय किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
क्या दशहरे से पहले बढ़ेगी बोनस की सीलिंग
हाल ही में राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों के अनुरूप बोनस की सीलिंग रिवाइज करने का आग्रह किया है।
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की गणना वर्ष 2014-15 से लागू अधिकतम 7,000 रुपये प्रति माह (या 230 रुपये प्रतिदिन) की वैधानिक सीमा पर की जाती है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 7th CPC के लागू होने के बाद न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह तय किया गया था, इसलिए बोनस गणना की सीलिंग भी न्यूनतम 18,000 से 21,000 रुपये के दायरे में होनी चाहिए। 7,000 रुपये की पुरानी सीलिंग के कारण वास्तविक वेतन अधिक होने के बावजूद कर्मचारियों को 60-65 दिनों के बोनस के रूप में अधिकतम लगभग 17,951 रुपये ही मिलते हैं।
यदि सरकार 21,000 रुपये की सीमा स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों का बोनस बढ़कर तीन गुना तक (लगभग 50,000 से 53,000 रुपये के आसपास) हो जाएगा। इस फैसले से विशेष रूप से भारतीय रेलवे, डाक विभाग, रक्षा उत्पाद इकाइयों और केंद्र सरकार के नॉन-गाजटेड (Non-Gazetted) कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।






