नई दिल्ली: देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई में 20% की अतिरिक्त बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब राज्यों के लिए कुल आवंटन बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह कदम देश में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करने के लिए उठाया गया है। सरकार ने पहले ही उपभोक्ताओं के लिए कमर्शियल LPG की 20% आंशिक सप्लाई बहाल कर दी थी, जिसे अब और बढ़ाया गया है।

चरणों में बढ़ाया गया आवंटन

सरकार ने यह बढ़ोतरी एक सोची-समझी रणनीति के तहत की है। मंत्रालय के मुताबिक, 18 मार्च को एक पत्र के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल LPG का 10% अतिरिक्त हिस्सा आवंटित करने का प्रस्ताव दिया गया था। यह आवंटन ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों पर आधारित था।

इसके ठीक बाद, 21 मार्च को एक और पत्र जारी कर राज्यों को 20% अतिरिक्त हिस्से की अनुमति दी गई। इन दोनों वृद्धियों को मिलाकर अब कुल आवंटन 50% के स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें PNG विस्तार के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों पर आधारित 10% आवंटन भी शामिल है।

किसे मिलेगी प्राथमिकता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त 20% आवंटन प्राथमिकता के आधार पर कुछ विशेष क्षेत्रों को दिया जाएगा ताकि सबसे ज्यादा प्रभावित वर्गों को तत्काल राहत मिल सके। इनमें शामिल हैं:

  • रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल
  • औद्योगिक कैंटीन
  • खाद्य प्रसंस्करण और डेयरी यूनिट्स
  • राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन
  • सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन)
  • प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले FTL सिलेंडर

इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को भी उच्च प्राथमिकता दी गई है। मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल LPG के कुल आवंटन का लगभग 50% हिस्सा इन्हीं दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों को दिया जा रहा है।

राज्यों ने शुरू की प्रक्रिया

केंद्र सरकार के इस निर्देश पर राज्यों ने अमल करना शुरू कर दिया है। अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने दिशानिर्देशों के अनुरूप कमर्शियल LPG आवंटित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिन राज्यों में अभी आदेश जारी नहीं हुए हैं, वहां सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) सीधे सिलेंडर जारी कर रही हैं ताकि सप्लाई चेन में कोई बाधा न आए।