नई दिल्ली: मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए भयावह आतंकी हमले की बरसी पर पूरे देश ने शहीदों और पीड़ितों को याद किया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेताओं ने अपने संदेशों में न केवल वीर सुरक्षाकर्मियों और निर्दोष नागरिकों के बलिदान को नमन किया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ देश की एकजुटता और ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को भी दोहराया।
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मुख्यमंत्रियों ने X पर किया शहीदों को याद
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26/11 को एक कायरतापूर्ण हमला बताते हुए कहा कि राष्ट्र शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
“मुंबई में 26/11 के कायरतापूर्ण आतंकी हमले में बलिदान हुए सभी निर्दोष नागरिकों और वीर सुरक्षाकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि! ‘नया भारत’ आतंक के हर रूप के निर्मूलन हेतु एकजुट है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी शहीदों को नमन करते हुए देशवासियों से आतंकवाद के खिलाफ सतर्क और एकजुट रहने का आह्वान किया।
“मुंबई के 26/11 हमले में देश एवं मानवता की रक्षा करते शहीद हुए वीर जवानों और दिवंगत नागरिकों को नमन करता हूं। हम सभी को राष्ट्र की अस्मिता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए आतंकवाद के खिलाफ हर क्षण सतर्क और एकजुट रहना होगा।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। धामी ने लिखा कि वीर जवानों की वीरता इतिहास में हमेशा स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगी।
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प
इस अवसर पर नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति पर भी जोर दिया। दिल्ली की नेता रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की रही है।
“मुंबई 26/11 के कायराना आतंकी हमले में अपने प्राणों की आहुति देने वाले निर्दोष नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि… माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की नीति आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस की रही है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा। न भूले हैं, न भूलेंगे।” — रेखा गुप्ता
इन सभी संदेशों के माध्यम से देश के राजनीतिक नेतृत्व ने एक स्वर में 26/11 के शहीदों को याद करते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के सामने न कभी झुका है और न झुकेगा।