संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई पार्टी के रणनीतिक समूह की बैठक में यह तय किया गया कि मनरेगा में कटौती, चुनाव आयोग के SIR सर्वे और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बैठक के बाद राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने बताया कि बजट सत्र के पहले चरण में मनरेगा का मुद्दा सबसे प्रमुख होगा। इसके साथ ही, चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे SIR सर्वे से देशभर में लोगों को हो रही परेशानी और वोट का अधिकार छीने जाने के खतरे को भी सदन में उठाया जाएगा।
सोनिया गांधी का निर्देश- असल मुद्दों पर टिके रहें
सूत्रों के अनुसार, बैठक में सोनिया गांधी ने पार्टी सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे सत्ता पक्ष द्वारा उठाए जाने वाले गैर-जरूरी मुद्दों में न उलझें।
“सत्ताधारी दल इधर–उधर के मुद्दों के ज़रिए गंभीर बहस से भटकाने की कोशिश करेगा लेकिन हमें उसमे फंसे बगैर ग़रीबों से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठाने हैं।” — सोनिया गांधी (बैठक में मौजूद एक सांसद के मुताबिक़)
इसके अलावा पार्टी ने अरावली से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, विदेश नीति और ट्रंप टैरिफ जैसे विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगने का फैसला किया है।
धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलेंगे राहुल गांधी
बैठक में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भले ही मनरेगा की जगह लेने वाला नया कानून (वीबी जीरामजी) पिछले सत्र में पारित हो चुका है और चुनाव सुधार (SIR) पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन इन मुद्दों को फिर से उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन पर अलग से चर्चा के लिए तैयार नहीं होती है, तो राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान इन सभी विषयों को उठाया जाएगा।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, 2 फरवरी से जब धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी, तो राहुल गांधी इसमें हिस्सा लेंगे और पार्टी द्वारा तय किए गए मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरेंगे।
UGC नियमों पर कांग्रेस की ‘वेट एंड वॉच’ नीति
यूजीसी के नए नियमों पर जारी विवाद को लेकर कांग्रेस ने फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाई है। इस पर सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि पार्टी ने जाति जनगणना की मांग की है और इसका हल उसी से निकलेगा। हालांकि, यह दिलचस्प है कि कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने इन नए नियमों का स्वागत किया है।
बुधवार सुबह 10 बजे विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की भी एक बैठक बुलाई गई है, ताकि बजट सत्र के लिए एक साझा रणनीति तैयार की जा सके। नासिर हुसैन ने इसे ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक की जगह ‘साझा विपक्ष’ की बैठक बताया, ताकि विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा संदेश दिया जा सके।
सोनिया और राहुल गांधी के अलावा इस अहम बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पी चिदंबरम, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल और प्रमोद तिवारी जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हालांकि, सांसद शशि थरूर बैठक में शामिल नहीं हुए। उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि वह दुबई दौरे पर थे और उन्होंने अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तता की जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दे दी थी।





