प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया में 26 से 28 अक्टूबर तक होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल न होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने इस पर तंज कसते हुए दावा किया है कि पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से बचने के लिए सम्मेलन में नहीं जा रहे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ मंच साझा करना पीएम के लिए जोखिम भरा हो सकता है, खासकर उनके उन बयानों के बाद जिसमें उन्होंने भारत को लेकर विवादास्पद दावे किए थे।

जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा कि पीएम मोदी को आसियान सम्मेलन में वैश्विक मंच पर ‘विश्वगुरु’ की छवि चमकाने का मौका मिलता, लेकिन वह इसे गंवा रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि शायद पीएम पुराने बॉलीवुड गाने “बच के रहना रे बाबा” को याद कर रहे हैं। रमेश ने ट्रंप के उन बयानों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत ने उनके कहने पर रूस से तेल खरीदना बंद किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोका। कांग्रेस का कहना है कि ये दावे भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं।

आसियान सम्मेलन में न जाने पर कांग्रेस ने खड़े किए कई सवाल

जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी की जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर आसियान सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत ने मलेशिया को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है कि व्यस्तता के कारण पीएम मोदी व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि, संभावना है कि वह वर्चुअल माध्यम से आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करें। पिछले वर्षों में पीएम मोदी ने इन सम्मेलनों में सक्रिय रूप से भाग लिया है, लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेता लेंगे हिस्सा

इस सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेता हिस्सा लेंगे। आसियान के दस सदस्य देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया के साथ यह शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कांग्रेस के तंज और पीएम की अनुपस्थिति ने इस आयोजन को और चर्चा में ला दिया है। यह घटनाक्रम भारत की कूटनीतिक रणनीति और वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।