नई दिल्ली: अपनी सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में अब ‘ट्वीट और विज्ञापन’ की राजनीति का दौर खत्म हो गया है और उनकी सरकार वादों की नहीं, बल्कि परिणामों की सरकार है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 साल की कांग्रेस सरकार हो या 11 साल की AAP सरकार, दोनों के समय में केवल प्रचार और पोस्टर राजनीति पर जोर दिया गया। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ‘कागज कम, काम ज्यादा’ के सिद्धांत पर प्रशासनिक व्यवस्था को चला रही है, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है।
यमुना सफाई और कूड़ा प्रबंधन पर पूर्व सरकारों को घेरा
यमुना सफाई के मुद्दे पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दशकों तक सिर्फ घोषणाएं होती रहीं, लेकिन नदी को साफ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP दोनों ही सरकारों ने यमुना पुनर्जीवन को कभी गंभीरता से नहीं लिया, जिससे नदी की हालत बद से बदतर हो गई।
उन्होंने बताया, “हमने कार्यभार संभालते ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के अपग्रेडेशन, नालों की टैपिंग और नई परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया, जिससे प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।”
कूड़ा प्रबंधन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कचरा उत्पादन के अनुपात में प्रोसेसिंग क्षमता न बढ़ाने के कारण दिल्ली में कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए। अब सरकार ने बायोमाइनिंग क्षमता में कई गुना वृद्धि की है और यह लक्ष्य रखा है कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाला कचरा उसी दिन प्रोसेस हो।
प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव और शिक्षा पर फोकस
प्रशासनिक कार्यसंस्कृति पर टिप्पणी करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि पहले टकराव की राजनीति को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब उनकी सरकार संवाद और समन्वय पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछली सरकारों ने प्रचार तो बहुत किया, लेकिन संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने फीस रेगुलेशन कानून का जिक्र करते हुए कहा, “हमारी सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए फीस रेगुलेशन कानून लागू किया, जिससे लाखों अभिभावकों को राहत मिली है। यह काम पहले नहीं हो सका था।”
“सत्ता हमारे लिए सुख भोगने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का साधन है। पूर्व सरकारें जहां राजनीतिक लाभ देखती थीं, वहां मदद का चेक लेकर पहुंच जाती थीं, लेकिन कोविड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को भूल गईं। हमने उन सभी लंबित मामलों का निपटारा किया है।”- रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली
मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कोविड के दौरान दिवंगत हुए सरकारी कर्मचारियों और चिकित्सकों के परिवारों को लंबित सहायता राशि प्रदान की, जिसे पिछली सरकार ने नजरअंदाज कर दिया था। उन्होंने विश्वास जताया कि एक साल में जो दिशा परिवर्तन हुआ है, उसके परिणाम आगामी वर्षों में दिल्ली की दशा बदलकर रख देंगे।
हमारी सरकार का एक सफल वर्ष पूर्ण होने पर आप सभी का हार्दिक आभार। आज अपनी कैबिनेट के साथियों के साथ मैंने दिल्ली की जनता के सामने बीते एक साल की सेवा और विकास का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। यह रिपोर्ट कार्ड हमारे एक वर्ष के परिश्रम और परिवर्तन का साक्ष्य है। हमारी सरकार वादों… pic.twitter.com/GeUIwXnk8A
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 20, 2026






