दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी के विकास कार्यों की समीक्षा की और सभी बड़ी परियोजनाओं को साल 2029 से पहले पूरा करने का साफ निर्देश दिया है। उन्होंने दिल्ली सचिवालय में प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह भी कहा कि अब सीएम प्रगति पोर्टल के जरिए हर विभाग के काम पर सीधी और लगातार नजर रखी जाएगी। यह बैठक बजट 2026-27 में घोषित प्रमुख योजनाओं, उनकी प्रगति और तय समय-सीमाओं पर विस्तार से चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना था कि राजधानी को विकसित दिल्ली बनाने के लिए बेहतर और प्रभावी कार्य किए जाने जरूरी हैं, ताकि तय समय में दिल्ली का रूप-रंग निखर सके और दिल्लीवासियों को उस पर गर्व हो।

प्रगति पोर्टल के माध्यम से होगी सीधी निगरानी

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की सभी प्रमुख परियोजनाओं की सतत और गहन निगरानी सीएम प्रगति पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इस पोर्टल पर प्रत्येक विभाग को अपने प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तय समय-सीमा और आगामी चरणों का नियमित अपडेट करना होगा, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा सके। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से न केवल विभागीय स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उच्च स्तर पर भी परियोजनाओं की प्रगति की प्रभावी समीक्षा संभव होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 15 दिन, 20 दिन और एक माह जैसे अल्पकालिक लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर पोर्टल पर अपडेट करें। ऐसा करने से समयबद्ध तरीके से कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा और किसी भी प्रकार की देरी को समय रहते चिन्हित कर दूर किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास कार्यों को पूरा करने के लिए इच्छाशक्ति की जरूरत है और उन्हें विश्वास है कि विभिन्न विभाग दिल्ली को आधुनिक और सुविधाओं से भरपूर बनाने में पूरी मेहनत से कार्य करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने लक्ष्यों और समय-सीमाओं को गंभीरता से निर्धारित कर उसी के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति को तत्काल समाप्त करना होगा और केवल शिलान्यास करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिलान्यास के साथ ही समय पर पूर्णता की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि टेंडरिंग, कार्यारंभ और पूर्णता की पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यदि किसी परियोजना में बाधा आती है तो उसे तुरंत उच्च स्तर पर साझा कर समाधान निकाला जाए, न कि कार्यों को सिर्फ लंबित रखा जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विभागों की कार्यक्षमता और प्रतिबद्धता उनके प्रदर्शन से ही आंकी जाएगी, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, तत्परता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ करें, ताकि तय समय में सभी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके और राजधानी के विकास में कोई कमी न रहे।

मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर दिया जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसी एक कार्य की देरी का प्रभाव अन्य परियोजनाओं पर न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की चरणबद्ध योजना बनाकर उसे समय पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध बजटीय संसाधनों का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य आधारित और समयबद्ध कार्य प्रणाली अपनाने का सुझाव दिया ताकि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस वर्ष और अधिक दक्षता के साथ कार्य किया जाए, जिससे पुरानी गलतियां दोहराई न जाएं और विकास की गति तेज हो।

प्रमुख परियोजनाओं को वर्ष 2029 से पहले पूरा करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रमुख परियोजनाओं को वर्ष 2029 से पहले पूरा कर लिया जाए। प्रत्येक परियोजना, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, उसके लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर उसे पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और अपनी पूरी ऊर्जा विकास कार्यों में लगाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए सभी विभागों का समन्वित और समर्पित प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक विभाग के काम का असर दूसरे पर पड़ता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने लक्ष्यों, समय-सीमाओं और कार्ययोजनाओं की पुनः समीक्षा कर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि दिल्ली एक आधुनिक और सुविधासंपन्न शहर बन सके।

मुख्यमंत्री ने विभागों से केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड और योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का भी आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फंड सभी राज्यों को उनकी कार्यकुशलता के लिए दिया जाता है। केंद्र सरकार से एसएएससीआई और अन्य फंड का मिलना प्रत्येक विभाग की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है, इसलिए विभागों को इन संसाधनों का पूरा उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए।