Wed, Jan 7, 2026

रेबीज पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह बोले “रेबीज से किसी की मौत न हो, सरकार कर रही है पूरी तैयारी”

Written by:Shruty Kushwaha
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राजधानी में मानव रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करने का फैसला किया गया है, जिससे रेबीज से जुड़े सभी मामलों की अनिवार्य और त्वरित रिपोर्टिंग होगी। इस कदम से रोग की निगरानी प्रणाली मजबूत होगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।
रेबीज पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह बोले “रेबीज से किसी की मौत न हो, सरकार कर रही है पूरी तैयारी”

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दिल्ली सरकार ने राजधानी में मानव रेबीज को महामारी रोग अधिनियम के तहत अधिसूचित रोग घोषित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद राजधानी में रेबीज से जुड़े संदिग्ध, संभावित और पुष्ट सभी मामलों की सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा तुरंत रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। यह कदम रोग की निगरानी और बीमारी से होने वाली मौतों को रोकने के प्रयासों को मजबूत करेगा।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा है कि रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करने के मुख्य कारण हैं कि इसे लेकर राजधानी में जागरूकता बढ़े, रेबीज के मामलों की तत्काल और सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली में रेबीज से किसी भी व्यक्ति की मौत को शून्य करना है।

दिल्ली में रेबीज को ‘अधिसूचित रोग’ घोषित किया जाएगा

दिल्ली सरकार रेबीज को महामारी रोग अधिनियम के तहत ‘अधिसूचित रोग’ घोषित करने की तैयारी कर रही है। इस कदम से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रेबीज मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग होगी, जिससे निगरानी मजबूत होगी और मौतों को शून्य करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। यह फैसला केंद्र सरकार के राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आता है। अधिसूचना जारी होने के बाद सभी सरकारी-निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और निजी डॉक्टरों को रेबीज के संदिग्ध या पुष्ट मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग करनी होगी। इस तरह इससे जुड़े सारे मामलों का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बात 

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने इसे लेकर कहा कि दिल्ली में रेबीज को महामारी घोषित करने की जो तैयारी की जा रही है, उससे सबसे पहले लोगों में जागरूकता बढ़ेगी कि रेबीज एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकथाम योग्य बीमारी है। दूसरा, सभी मामलों का डेटा रिकॉर्ड होगा जिससे समय पर हस्तक्षेप और इलाज सुनिश्चित हो सकेगा। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “दिल्ली सरकार और दिल्ली स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली में रेबीज से किसी की मौत न हो। हम अभी 59 सेंटर्स पर रेबीज के इंजेक्शन (एंटी-रेबीज वैक्सीन) लगाते हैं और 33 सेंटर्स पर रेबीज सीरम (इम्यूनोग्लोबुलिन) देते हैं। हम इस संख्या को बढ़ाएंगे ताकि दिल्ली के लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।”