दिल्ली के पेंशनधारकों के लिए काम की खबर है। राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए वेरिफिकेशन (सत्यापन) अनिवार्य कर दिया हैं। महिला और बाल विकास विभाग ने जिला कार्यालयों को 15 अप्रैल 2026 तक सभी लाभार्थियों का वेरिफिकेशन पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी आदेश में, सत्यापन की प्रक्रिया को ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार मोबाइल-आधारित ‘डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट’ एप के माध्यम से पूरा करने को कहा गया है, ताकी पेंशनधारकों को समय पर पेंशन मिलती रहे और अपात्र लाभ ना उठा सके।
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बता दें कि ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना’ भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू की गई एक गैर-अंशदायी पेंशन योजना है। इसका उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों की विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत, 40 से 79 वर्ष की आयु की विधवाओं को 300 रुपये प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की विधवाओं को 500 रुपये प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाती है।
आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड और वोटर आईडी।
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)।
- दिल्ली में 5 साल के निवास का प्रमाण (जैसे बिजली बिल, राशन कार्ड या वोटर लिस्ट में नाम)।
- बैंक पासबुक की कॉपी (खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है)।
- पासपोर्ट साइज फोटो।