गुरुवार की रात अचानक दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में धरती हिलने लगी। लोग समझ नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या, लेकिन कुछ ही देर में पता चला कि इसका केंद्र अफगानिस्तान में आया तेज भूकंप है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.8 दर्ज की गई। झटके इतने तेज थे कि पाकिस्तान के पेशावर तक महसूस किए गए। डर के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। गौरतलब है कि हाल ही में उत्तरी अफगानिस्तान में भीषण भूकंप ने तबाही मचाई थी, जिसमें हजारों लोगों की जान गई थी। ताज़ा झटकों ने एक बार फिर लोगों के दिलों में डर बैठा दिया है और भूकंप की विनाशकारी यादें ताजा कर दी हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10:26 बजे नांगरहार और आसपास के इलाकों में भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से करीब 160 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप की तीव्रता 5.8 रही, जिसकी वजह से बड़े इलाके में झटके महसूस किए गए।
भारत और पाकिस्तान में भी असर
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप इतना तेज था कि दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में झटके साफ तौर पर महसूस किए गए। पाकिस्तान के पेशावर में भी धरती हिली और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
आफ्टरशॉक का खतरा
NCS ने बताया कि गुरुवार सुबह भी अफगानिस्तान में 4.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वहीं, बुधवार रात 10 किलोमीटर की गहराई में आए झटकों ने आफ्टरशॉक का खतरा और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उथली गहराई पर आए भूकंप का असर ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि यह सतह पर तेजी से महसूस होता है।
हालिया तबाही की यादें ताजा
सिर्फ कुछ दिन पहले उत्तरी अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप ने कई प्रांतों को तबाह कर दिया था। 2,200 से अधिक लोगों की मौत हुई और हजारों घर ढह गए। अधिकतर घर मिट्टी की ईंट और लकड़ी से बने होने की वजह से झटकों को झेल नहीं पाए। अब नए झटकों ने वहां रह रहे लोगों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
लोगों में दहशत और सतर्कता
दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में अचानक आए झटकों से लोग दहशत में आ गए। हालांकि, अभी तक भारत में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।
समरी (50 शब्द)
गुरुवार रात अफगानिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के पेशावर तक महसूस किए गए। इससे पहले भी अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप तबाही मचा चुका है। फिलहाल भारत में नुकसान की खबर नहीं, लेकिन लोग दहशत में हैं।





