दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने तरणजीत सिंह संधू को राष्ट्रीय राजधानी का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया है, जबकि मौजूदा उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख भेजा गया है। यह फेरबदल केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक साथ कई राज्यों के संवैधानिक पदों पर नई नियुक्तियां भी घोषित की गईं।
जारी आदेश के मुताबिक, महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी जिष्णु देव वर्मा को सौंपी गई है। बिहार के गवर्नर के रूप में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हसनैन को नियुक्त किया गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद की कमान कविंदर गुप्ता को दी गई है। कविंदर गुप्ता इससे पहले लद्दाख के उपराज्यपाल रह चुके हैं।
दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि तरणजीत सिंह संधू का करियर मुख्य रूप से कूटनीति और रणनीतिक संबंधों से जुड़ा रहा है। वे 2020 से 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे। भारत-अमेरिका रिश्तों के अहम दौर में उनकी भूमिका को लगातार रेखांकित किया जाता रहा है।
कौन हैं दिल्ली के नए LG तरणजीत सिंह संधू
तरणजीत सिंह संधू वरिष्ठ IFS अधिकारी रहे हैं और लगभग 35 साल के कूटनीतिक अनुभव के साथ इस पद पर आ रहे हैं। वॉशिंगटन डीसी में 2013 से 2017 के बीच डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के तौर पर उनकी तैनाती रही, उसी अवधि में 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की तैयारी और संस्थागत समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया।
उनकी विदेश सेवा में श्रीलंका और जर्मनी से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल रही हैं। वे जनवरी 2017 से जनवरी 2020 तक श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त रहे। इससे पहले दिसंबर 2000 से सितंबर 2004 तक कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में राजनीतिक विंग के प्रमुख के तौर पर भी काम कर चुके हैं। यूरोप में उनकी तैनाती सितंबर 2011 से जुलाई 2013 के बीच फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्यदूत के रूप में रही।
राजनयिक सेवा से आगे बढ़ते हुए वे 2025 में एशिया ग्रुप से जुड़े और सीनियर एडवाइजर की भूमिका निभाई। वहां उनका फोकस भारत-अमेरिका व्यापार और रक्षा नीति से जुड़े परामर्श पर रहा। यही पृष्ठभूमि उन्हें प्रशासनिक और रणनीतिक समन्वय वाले पदों के लिए अलग पहचान देती है।
दिल्ली से पढ़ाई, लंबा कूटनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड
दिल्ली के नए उपराज्यपाल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी राजधानी से जुड़ी है। उन्होंने सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली से इतिहास में ऑनर्स किया और बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशंस में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। उनकी पत्नी रीनत संधू भी कूटनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी रही हैं।
दिल्ली के एलजी पद पर यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र और राज्यों के बीच संवैधानिक पदों पर तैनातियों को व्यापक प्रशासनिक संकेतों के रूप में भी देखा जाता है। दिल्ली, लद्दाख, महाराष्ट्र, बिहार और हिमाचल प्रदेश में एक साथ हुए ये निर्णय आने वाले समय में प्रशासनिक प्राथमिकताओं और समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाएंगे।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर सबसे बड़ा बिंदु स्पष्ट है: दिल्ली को नया उपराज्यपाल मिल गया है, और विनय कुमार सक्सेना अब लद्दाख की कमान संभालेंगे।






