नई दिल्ली: होली के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस बार सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। राजधानी में किसी भी तरह के हुड़दंग, जबरदस्ती रंग लगाने या शराब पीकर वाहन चलाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पूरी दिल्ली में करीब 9,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखेंगे।
पुलिस का साफ कहना है कि नशे में ड्राइविंग, स्टंटबाजी और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में होली के दिन नियम तोड़ने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसके चलते इस बार सख्ती बढ़ाई गई है।
चप्पे-चप्पे पर निगरानी, ड्रोन से रखी जाएगी नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार के दिन व्यवस्था बनाए रखने के लिए 15 जिलों में 500 से ज्यादा स्थानों पर पिकेट लगाकर चेकिंग की जाएगी। सड़कों पर गश्त के लिए 1,300 बाइकर्स की टीमों को उतारा गया है। ये टीमें गलियों और तंग इलाकों में भी आसानी से पहुंच सकेंगी।
इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। हर जिले में स्थानीय पुलिस के साथ हथियारों से लैस स्पेशल टीमें भी बनाई गई हैं, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी। बाहरी उपद्रवी तत्व राजधानी में प्रवेश न कर सकें, इसके लिए सीमावर्ती इलाकों में खास नाकेबंदी की गई है।
ट्रैफिक पुलिस का विशेष एक्शन प्लान
होली पर होने वाली ट्रैफिक संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने भी एक विस्तृत योजना तैयार की है। विशेषकर ट्रैफिक जोन-टू में बड़े स्तर पर फोर्स लगाई गई है।
इस जोन में कुल 79 पिकेट स्थापित किए गए हैं, जहां शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच के लिए अल्कोहलमीटर के साथ 239 पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, 134 प्रमुख चौराहों और इंटरसेक्शन पर 401 ट्रैफिक कर्मी तैनात रहेंगे। यानी अकेले जोन-टू में ही 640 पुलिसकर्मी अहम बिंदुओं पर मुस्तैद रहेंगे। वहीं, नॉर्दर्न रेंज में 40, वेस्टर्न रेंज में 16 और सदर्न रेंज में 22 पिकेट लगाए गए हैं।
लगातार बढ़ रहे हैं नियम उल्लंघन के मामले
पुलिस की यह सख्ती इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि त्योहार की आड़ में लापरवाही बढ़ रही है। साल 2023 में शराब पीकर गाड़ी चलाने के 559 मामले सामने आए थे। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो यह संख्या एक साल 824 और फिर 1,213 तक भी पहुंच चुकी है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
इसी तरह, बिना हेलमेट दोपहिया चलाने के खिलाफ 2023 में 3,410 चालान किए गए थे। हालांकि एक साल यह संख्या घटकर 1,524 रही, लेकिन फिर बढ़कर 2,376 हो गई। ये आंकड़े दिखाते हैं कि पुलिस की तमाम अपीलों के बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे।






