दिल्ली विश्वविद्यालय के दो प्रमुख कॉलेज, रामजस कॉलेज और मिरांडा हाउस, सोमवार को उस वक्त पूरी तरह से हड़कंप में आ गए जब उन्हें एक गंभीर धमकी भरा ईमेल मिला। इस ईमेल में दावा किया गया था कि दोपहर करीब 12:30 बजे दोनों कॉलेज परिसरों में 13 जहरीली गैसों से भरे बम फट सकते हैं। यह सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन में तत्काल अफरा-तफरी मच गई और बिना एक पल गंवाए दिल्ली पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए, पुलिस और विशेष बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर दोनों कॉलेजों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हालांकि, घंटों की गहन जांच और तलाशी के बाद भी परिसर के अंदर से किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए एहतियात के तौर पर दोनों परिसरों को पूरी तरह से खाली करा लिया गया था।

कॉलेज प्रशासन ने तुरंत दिल्ली पुलिस को किया सूचित 

रामजस कॉलेज प्रशासन को सोमवार सुबह ठीक 8 बजकर 17 मिनट पर यह डराने वाला ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में इस्तेमाल की गई भाषा बेहद भयावह थी, जिसमें कॉलेज परिसर के अंदर एक बड़े और सुनियोजित हमले की चेतावनी दी गई थी। संदेश में स्पष्ट रूप से जहरीली गैसों के इस्तेमाल और एक निश्चित समय पर विस्फोट होने का जिक्र था। इस गंभीर धमकी को देखते हुए, कॉलेज अधिकारियों ने तुरंत दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की कई टीमें, जिनमें स्थानीय पुलिसकर्मी, साइबर सेल के विशेषज्ञ अधिकारी और विशेष बम निरोधक दस्ता (BDS) के सदस्य शामिल थे, तत्काल रामजस कॉलेज पहुंचीं। पूरे कॉलेज परिसर को तुरंत सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और अंदर मौजूद छात्रों, शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। इसके बाद, परिसर के हर कोने, प्रत्येक कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्टाफ रूम, कैंटीन और खुले मैदानों की चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षाकर्मी हर छोटी-बड़ी चीज की बारीकी से जांच कर रहे थे।

वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के एक और प्रतिष्ठित महिला कॉलेज, मिरांडा हाउस, को भी ठीक इसी तरह का एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में भी परिसर में बम होने और जहरीली गैसों से हमले की धमकी दी गई थी, जिससे वहां भी बड़े पैमाने पर हड़कंप और चिंता का माहौल बन गया। मिरांडा हाउस प्रशासन ने बिना किसी देरी के तत्काल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। स्थिति की संवेदनशीलता और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, कॉलेज प्रशासन ने पूरे परिसर को तुरंत खाली कराने का निर्णय लिया। छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मिरांडा हाउस में भी रामजस कॉलेज की तर्ज पर ही एक गहन और विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परिसर में किसी भी प्रकार का कोई वास्तविक खतरा मौजूद न हो और सभी सुरक्षित रहें।

रामजस कॉलेज के प्रधानाचार्य ने दी पूरी जानकारी

रामजस कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर अजय अरोड़ा ने इस पूरी घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए बताया कि धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद कॉलेज में स्थापित आपातकालीन प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन किया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “कॉलेज में मौजूद सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बिना किसी देरी के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हमने परिसर को पूरी तरह खाली कराकर उसे सुरक्षा घेरे में लिया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके और हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।” प्रोफेसर अरोड़ा ने यह भी आश्वस्त किया कि निकासी प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हुई, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों में अनावश्यक घबराहट न फैले। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार जांच-पड़ताल कर रही हैं।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस अब इन धमकी भरे ईमेल के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में पूरी तरह जुट गई है। साइबर सेल की विशेषज्ञ टीमें ईमेल के हेडर, आईपी एड्रेस, भेजे जाने के समय और अन्य सभी तकनीकी विवरणों की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह तक सटीक रूप से पहुंचा जा सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी शरारती तत्व की सोची-समझी हरकत है, या इसके पीछे कोई गहरी और गंभीर साजिश छिपी है। मामले की संवेदनशीलता और जन सुरक्षा के महत्व को देखते हुए, दिल्ली पुलिस की कई विशेष टीमें इस जांच में लगाई गई हैं, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों को पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

तलाशी अभियान के कई घंटे बीत जाने के बाद भी, रामजस कॉलेज या मिरांडा हाउस के परिसर से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। यह कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी भी पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नियंत्रण बनाए हुए हैं। कॉलेज परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रोफेसर अजय अरोड़ा ने छात्रों और उनके अभिभावकों से एक बार फिर भावुक अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और घबराएं नहीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जब तक परिसर की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा एजेंसियां अपनी निगरानी और चौकसी जारी रखेंगी ताकि सभी सुरक्षित महसूस कर सकें।