देश में पिछले महीने इंडिगो में हुई बड़ी उड़ान गड़बड़ी को लेकर लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद कंपनी ने सभी यात्रियों से माफी मांगते हुए पूरा रिफंड भी वापस दिया था। कंपनी की ओर से हुई गलती पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने कड़ी कार्रवाई भी की थी। इस बीच, DGCA ने शनिवार, 17 जनवरी 2026 को इंडिगो पर बड़ा एक्शन लिया है।
इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना
DGCA ने दिसंबर में हुई बड़ी उड़ान गड़बड़ी को लेकर इंडिगो एयरलाइन पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया है। रेगुलेटर ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। यह कार्रवाई उस जांच के बाद की गई है, जिसके लिए DGCA ने 3 से 5 दिसंबर के बीच हुई गड़बड़ी की पड़ताल करने के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई थी। इस दौरान इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं, जबकि 1,852 उड़ानें देरी से चली थीं। इससे तीन लाख से ज़्यादा यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रह गए थे।
₹50 करोड़ की बैंक गारंटी गिरवी रखने का भी आदेश
जुर्माने के अलावा इंडिगो को DGCA के पक्ष में ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी गिरवी रखने का आदेश दिया गया है, ताकि निर्देशों का पालन और लंबे समय तक सिस्टम में सुधार पक्का किया जा सके। इंडिगो के लिए ₹50 करोड़ का बैंक गारंटी-लिंक्ड रिफॉर्म फ्रेमवर्क, जिसका नाम इंडिगो सिस्टमिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) है, जिसके तहत बैंक गारंटी को धीरे-धीरे जारी करना, चार पिलर्स में सुधारों के DGCA-वेरिफाइड इम्प्लीमेंटेशन से पूरी तरह जुड़ा है-लीडरशिप और गवर्नेंस (3 महीने के अंदर सर्टिफिकेशन पर ₹10 करोड़), मैनपावर प्लानिंग, रोस्टरिंग और फटीग-रिस्क मैनेजमेंट (6 महीने में शुरुआती और लगातार कंप्लायंस से जुड़े ₹15 करोड़), डिजिटल सिस्टम और ऑपरेशनल रेजिलिएंस (9 महीने के अंदर अपग्रेड और सेफगार्ड स्वीकार करने पर ₹15 करोड़), और लगातार कंप्लायंस के साथ बोर्ड-लेवल की निगरानी (9-15 महीने की अवधि में छह महीने तक लगातार पालन करने के बाद ₹10 करोड़)।
बैंक गारंटी जारी करना हर स्टेज पर DGCA द्वारा इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन पर निर्भर करेगा। यह इसलिए किया गया है ताकि एविएशन इकोसिस्टम में सुधार के लिए, इंडिगो के सीनियर मैनेजमेंट के साथ मिलकर MoCA और DGCA, किए जा रहे सिस्टमिक सुधारों पर करीब से नज़र रख सकें।
जुर्माने पर इंडिगो की प्रतिक्रिया
DGCA के एक्शन के बाद इंडिगो की ओर से भी बयान जारी किया है। इंडिगो ने कहा कि कंपनी का बोर्ड और मैनेजमेंट DGCA के आदेशों का पूरा संज्ञान लेने के लिए प्रतिबद्ध है और सोच-समझकर, समय पर उचित फैसले करेगा। गड़बड़ी के बाद से हमारी आंतरिक प्रणालियों की गहराई से समीक्षा की जा रही है, ताकि एयरलाइन अपने 19 साल से ज़्यादा के बेदाग संचालन रिकॉर्ड को और मजबूत बना सके।
बता दें कि DGCA ने इंडिगो के CEO को फ्लाइट ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट पर अपर्याप्त ओवरऑल ओवरसाइट के लिए कॉशन जारी किया है। वहीं अकाउंटेबल मैनेजर यानी सीओओ को विंटर शेड्यूल 2025 और रिवाइज्ड एफडीटीएल कार के प्रभाव का सही आकलन न करने पर चेतावनी दी गई है।
बता दें कि यह कार्रवाई भारतीय विमानन इतिहास में नियामकीय सख्ती का एक बड़ा उदाहरण है। DGCA ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मुनाफे और परिचालन क्षमता बढ़ाने की होड़ में यात्री सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





