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DMK ने कांग्रेस से बनाई दूरी, लोकसभा में अब अलग-अलग बैठेंगे दोनों दलों के सांसद, INDIA गठबंधन की बैठक में आने से भी इनकार

Written by:Banshika Sharma
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तमिलनाडु में कांग्रेस के एक फैसले के बाद द्रमुक और कांग्रेस के रिश्तों में खटास आ गई है। अब लोकसभा में भी दोनों पार्टियों के सांसदों को अलग बैठने की अनुमति मिल गई है, जिसके बाद द्रमुक ने INDIA गठबंधन से भी दूरी बना ली है।

देश की संसद में द्रमुक और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरियां अब आधिकारिक रूप से सामने आ गई हैं। लोकसभा में द्रमुक पार्टी को अब कांग्रेस से अलग बैठने की इजाजत मिल गई है। पहले द्रमुक और कांग्रेस सहयोगी के रूप में एक साथ बैठते थे। लेकिन तमिलनाडु में एक नई सरकार के गठन और उसमें TVK पार्टी के साथ कांग्रेस के शामिल होने के बाद दोनों दलों के बीच रिश्तों में खटास आ गई है, जिसके चलते उनका पुराना गठबंधन टूट गया है। इसी कारण द्रमुक ने स्पष्ट किया था कि अब उनके सांसद कांग्रेस के सांसदों के बगल में नहीं बैठेंगे।

दरअसल, द्रमुक के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लोकसभा सचिवालय से अपनी पार्टी के सांसदों के लिए अलग सीटिंग की मांग की थी। लोकसभा सचिवालय ने अब द्रमुक की इस मांग को मंजूरी दे दी है। द्रमुक नेता कनिमोझी करुणानिधि ने बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर बैठने की व्यवस्था में बदलाव करने का अनुरोध किया था। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी ने गुरुवार शाम को यह भी घोषणा की कि वह 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली ‘इंडिया’ ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं होगी।

कांग्रेस ने द्रमुक के साथ चुनाव से पहले हुए गठबंधन के तहत विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसके बाद दोनों पार्टियों के बीच यह कड़वाहट पैदा हुई है। द्रमुक के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के इस कदम को ‘पीठ में छुरा घोंपना’ और ‘धोखाधड़ी’ बताया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने विधानसभा की सिर्फ 5 सीटें जीतीं, लेकिन इसके बावजूद उसने सरकार बनाने में TVK का समर्थन किया। कांग्रेस के इस कदम की द्रमुक ने कड़ी आलोचना की थी। तब से नाराज चल रही द्रमुक ने साफ कर दिया है कि वह कांग्रेस के साथ कोई नजदीकी नहीं चाहती है।

INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी DMK

पार्टी ने 8 जून को होने वाली INDIA ब्लॉक की अगली बैठक में भी शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। द्रमुक के सीनियर नेता टी.के.एस. इलांगोवन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब हम INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं हैं और इसीलिए हम बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। यह महत्वपूर्ण फैसला तब लिया गया जब द्रमुक की लंबे समय से सहयोगी रही कांग्रेस ने तमिलनाडु में TVK के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के लिए द्रविड़ियन पार्टी से अपने रिश्ते तोड़ लिए। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नए समीकरण को जन्म दिया है।

पार्टी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा पार्टी के साथ धोखा किए जाने से द्रमुक कार्यकर्ता और समर्थक नाराज़ थे। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए द्रमुक INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी। हालांकि, द्रमुक ने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन में शामिल अन्य पार्टियां जब आम लोगों के हित से जुड़े मुद्दे उठाएंगी, तो उनके सांसद उन पार्टियों का समर्थन करेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे कुछ मुद्दों पर सहयोग के लिए तैयार हैं।

कांग्रेस का TVK को समर्थन देने से DMK नाराज

दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने कदम को सही ठहराते हुए कहा कि द्रमुक ने भी 2014 का चुनाव अकेले ही लड़ा था। कांग्रेस ने तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK को अपना समर्थन दिया और नई राज्य सरकार का हिस्सा बन गई। कांग्रेस के इस फैसले ने तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस की दशकों पुरानी साझेदारी को असल में खत्म कर दिया है, जिससे राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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