देशभर में जो सियासी माहौल चल रहा है उसके बीच विपक्षी गठबंधन के भीतर दरार भी सामने आ रही है। तमिलनाडु में सत्ता से हाथ धो बैठी डीएमके ने अपने पूर्व सहयोगी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है।
डीएमके ने राहुल गांधी को एक बड़ा मजाक बताया है और कहां है कि उन्होंने विपक्ष की एकता को कमजोर करने का काम किया है। यह जुबानी हमला डीएमके ने अपनी आईटी विंग और अपने आधिकारिक अखबार मुरासोली के जरिए किया है।
DMK ने राहुल को कहा धोखेबाज
डीएमके की आईटी विंग में सोशल मीडिया पर बहुत गणेश शब्दों का इस्तेमाल करते हैं पर लिखा कि जब कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए लड़ रही थी तब हमने उन्हें अपने कंधों पर उठाया। लेकिन जैसे भी उन्हें नया और चमकदार खिलौने दिखा उन्होंने तुरंत पाला बदल लिया। राहुल गांधी एक बहुत बड़ा मजाक है।
We carried the INC on our shoulders when they were fighting for their political survival, only for them to jump ship the second they saw a shiny new toy.
It just proves that the “brother” hasn’t grown up at all; he’s still a massive joke.
Don’t come running back to us when… https://t.co/eJSfxOlIfr
— DMK IT WING (@DMKITwing) June 15, 2026
बिखराव की वजह हैं राहुल गांधी
इस पोस्ट के अलावा डीएमके ने अपने मुखपत्र मुरासोली में छपे संपादकीय में राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी दूसरों को विपक्षी एकता का पाठ पढ़ाते हैं लेकिन अलग-अलग राज्यों में इस एकता को कमजोर करने वाले वो खुद हैं। इसमें केरल का उदाहरण देते हुए लिखा कि चुनाव के दौरान राहुल ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की गिरफ्तारी की मांग की थी इसकी वजह से वामपंथी नेता आज भी उनसे नाराज हैं और पूछ रहे हैं कि कांग्रेस का मुकाबला भाजपा से है या अपने सहयोगियों से?
चुनाव से बदली तस्वीर
इस पूरी लड़ाई की जड़ हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बदले समीकरण हैं। कांग्रेस ने चुनाव डीएमके के गठबंधन में लड़ा और पांच सीट जीती लेकिन चुनाव के बाद डीएमके का साथ छोड़ कर विजय की पार्टी टीवीके की सरकार में शामिल हो गई। इस धोखे से नाराज पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की बुलाई गई गठबंधन की बैठक का भी बहिष्कार किया।






