शाजापुर शहर के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में संचालित एक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में सोमवार को अचानक हुई एक घटना ने सभी को चौंका दिया। यहां छात्रों के लिए खाना बनाते समय प्रेशर कुकर फट गया, जिससे रसोई में मौजूद महिला कर्मचारी घायल हो गई। हादसा उस समय हुआ जब महिला रसोइया गैस चूल्हे पर दाल तैयार कर रही थी और कुकर को उतारने की कोशिश कर रही थी।
घायल महिला की पहचान रामकन्या बाई के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुकर फंस जाने के कारण अचानक तेज दबाव बना और वह फट गया। कुकर का हिस्सा महिला के सीने से टकराया, जबकि गर्म भाप और सामग्री के कारण उसके गाल और गर्दन भी झुलस गए। घटना के बाद छात्रावास स्टाफ और छात्रों ने तुरंत मदद करते हुए महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई।
छात्रावास सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद छात्रावासों में सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक जिले के कई छात्रावास किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां सुरक्षा के जरूरी संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। रसोई जैसे संवेदनशील स्थानों पर आग बुझाने के उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था होना बेहद जरूरी माना जाता है, लेकिन कई जगहों पर इन व्यवस्थाओं का अभाव देखा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्रेशर कुकर, गैस सिलेंडर और अन्य उपकरणों की समय-समय पर जांच होना जरूरी है। छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इस मामले में भी यदि आग फैल जाती या रसोई में अधिक लोग मौजूद होते, तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी। घटना के समय छात्रावास में करीब एक दर्जन छात्र मौजूद थे, लेकिन उनकी समझदारी से स्थिति नियंत्रण में रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। खासकर उन भवनों में जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, वहां सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा
प्रेशर कुकर फटने की पूरी घटना छात्रावास की रसोई में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला कर्मचारी सामान्य तरीके से खाना बना रही थी। जैसे ही उसने कुकर उठाने का प्रयास किया, अचानक तेज धमाके के साथ कुकर फट गया और वह घायल हो गई।
हादसे के तुरंत बाद महिला ने खुद पर पानी डाला, जबकि आवाज सुनकर एक छात्र दौड़कर रसोई में पहुंचा और सबसे पहले गैस बंद की। छात्रों की इस तत्परता ने संभावित बड़े खतरे को टाल दिया। यदि गैस चालू रहती और आग फैल जाती, तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
हालांकि घटना के बाद भी किसी वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने की बात सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि रसोई सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस घटना से सबक लेकर छात्रावासों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।






