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किसानों की समस्याओं को लेकर एमपी कांग्रेस का हल्ला बोल, आज मुंबई-आगरा हाईवे पर चक्का जाम, 11 जिलों में एक साथ प्रदर्शन

Written by:Pooja Khodani
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आज एमपी कांग्रेस मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर 747 किलोमीटर के दायरे में चक्का जाम करने जा रही है। सुबह 11 बजे से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन से करीब 11 जिलों के प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों की समस्याओं को लेकर एमपी कांग्रेस का हल्ला बोल, आज मुंबई-आगरा हाईवे पर चक्का जाम, 11 जिलों में एक साथ प्रदर्शन

किसानों के मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस गुरुवार, 7 मई को जीतू पटवारी के नेतृत्व में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करने जा रही है। यह चक्काजाम खलघाट, इंदौर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना सहित 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर के दायरे में किया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस ने बड़े नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सचिन यादव और बाला बच्चन खलघाट क्षेत्र का मोर्चा संभालेंगे। वहीं जीतू पटवारी, हरीश चौधरी इंदौर, देवास, शाजापुर और उज्जैन क्षेत्र में आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा जयवर्धन सिंह गुना, ग्वालियर में अशोक सिंह, जबकि भिंड में गोविंद सिंह और हेमंत कटारे रहेंगे। चक्काजाम का एक बड़ा केंद्र शाजापुर रहेगा। कांग्रेस के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रभावित जिलों के प्रशासन और पुलिस विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों , फसल खरीदी, मुआवजा, मंडी व्यवस्था और उनकी समस्याओं को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के साथ लगातार वादाखिलाफी कर रही है। सरकार ने किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन धरातल पर किसानों को गेहूं के लिए  2600 और धान के लिए महज 2200-2300 रुपए मिल रहे हैं। सरकार ने सोयाबीन को 6 हजार रुपए क्विंटल पर खरीदने का वादा किया था, लेकिन यह 3 हजार रुपए से ज्यादा पर नहीं बिक रहा। सरकार का ढाई साल का समय खत्म हो गया है। उपार्जन केंद्रों (खरीदी केंद्रों) पर भी अनियमितता हो रही है।

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि गेहूं और धान के लिए भावांतर योजना लागू की जाए। जिन किसानों ने कम दाम पर निजी मंडियों में गेंहू बेचा है, उन्हें अंतर की राशि दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह निर्णय लेती है, तो वे स्वयं मुख्यमंत्री का सार्वजनिक अभिनंदन करेंगे। और ऐसा न होने पर भविष्य में फिर प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।

Pooja Khodani
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