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म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता और ढाका तक महसूस हुए तेज झटके

Written by:Rishabh Namdev
Published:
म्यांमार में मंगलवार देर रात 6.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके झटके पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और बांग्लादेश के कई हिस्सों तक महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता और ढाका तक महसूस हुए तेज झटके

म्यांमार में मंगलवार रात आए एक शक्तिशाली भूकंप के झटके भारत और बांग्लादेश तक महसूस किए गए। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत राज्य के कई इलाकों में धरती कांपने से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई है। फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के सिदोक्तया शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर था। यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 9 बजकर 4 मिनट पर दर्ज किया गया। इसका प्रभाव भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में महसूस किया गया। पिछले 71 घंटों में म्यांमार में यह तीसरा भूकंप दर्ज किया गया है, जो इस क्षेत्र में बढ़ी हुई भूगर्भीय हलचल का संकेत है।

कोलकाता से ढाका तक दहशत

भूकंप का केंद्र भले ही म्यांमार में था, लेकिन इसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक महसूस हुए। कोलकाता में लोगों ने कुछ सेकंड तक तेज कंपन महसूस किया। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने इसे ज्यादा स्पष्ट रूप से महसूस किया। इसके अलावा, बांग्लादेश की राजधानी ढाका और अन्य शहरों में भी झटके लगने की खबरें हैं, जिसके बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

भारत में हाल ही में आए भूकंप

हाल के दिनों में भारत के कई हिस्सों में भी भूकंप की घटनाएं दर्ज की गई हैं। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इसी दिन केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था।

क्यों आते हैं भूकंप?

धरती के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों की गतिशीलता के कारण भूकंप आते हैं। पृथ्वी की सतह सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार गति करती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। यही ऊर्जा जब पृथ्वी की सतह पर तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, तो उसे भूकंप कहा जाता है।