पिछले कुछ महीनों में देश में हुए आंदोलनों के दौरान टीवी चैनलों पर चलाई गई खबरों, भाषा शैली, कंटेंट , डिबेट को देखने के बाद अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों को ‘केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम’ में बताये गए ‘प्रोग्राम कोड’ को ध्यान में रखने की सख्त हिदायत दी है और इसके लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।

बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में सैटेलाइट टीवी चैनलों से कहा गया है कि वे आतंकवाद विरोधी अभियानों की लाइव कवरेज से बचें, हिंसक विजुअल्स को दिखाते समय सावधानी बरतें और देश विरोधी सामग्री का प्रसारण बिलकुल ना करें, एडवाइजरी में साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने और न्यूज़ में AI के इस्तेमाल के दौरान अतिरिक्त सतर्कता रखने की हिदायत दी गई है, मंत्रालय ने कहा है AI का उपयोग सहायक के तौर पर करें, मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि  केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम में बताये गए प्रोग्राम कोड का उल्लंघन पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

अंतर-मंत्रालयी समिति की सिफारिश के बाद जारी हुए दिशा निर्देश 

मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के अंतर्गत गठित अंतर-मंत्रालयी समिति ने पाया है कि कई टीवी चैनलों पर होने वाला प्रसारण, केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के अंतर्गत निर्धारित प्रोग्राम कोड की मूल भावना के अनुरूप नहीं है। समिति ने यह भी कहा कि प्रसारण के दौरान अनुचित व्यवहार या भाषा को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। ये अधिनियम के प्रोग्राम कोड का उल्लंघन है जिसपर क़ानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

कर्मचारियों को जागरूक करने और ट्रेनिंग देने के निर्देश 

मंत्रालय ने संपादकीय और कंटेंट रिव्यू सिस्टम को मजबूत करने के लिए कहा है, एडवाइजरी में कहा गया है कि टीवी  चैनल समाचार जुटाने से लेकर संपादन, प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन और प्रसारण से जुड़े कर्मचारियों को नियमित जागरूक करें इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दें जिससे वे प्रोग्राम कोड को समझ सकें और उसका उल्लंघन करने से बचे रहें वर्ना उनके खिलाफ भी एक्शन संभव है।