पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच में अचानक अंडमान निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का विरोध कर सियासत को गरमा दिया है, राहुल गांधी ने पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ये विकास नहीं विनाश है, राहुल गांधी के विरोध पर भाजपा ने पलटवार किया है और सवाल किया है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट जो सिर्फ चीन की नींद उड़ा रहा है लेकिन भारत में राहुल गांधी और कांग्रेस विरोध कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृव वाली केंद्र सरकार अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर 92,000 करोड़ रुपये का ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ बना रही है। यह सिर्फ एक बंदरगाह नहीं, यह भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा है। यह हिंद महासागर में भारत की ताकत का ऐलान है, यह चीन को सीधा जवाब है। लेकिन, चीन नहीं चाहता यह प्रोजेक्ट बने, और हैरानी की बात यह है कि राहुल गांधी भी नहीं चाहते कि ये प्रोजेक्ट बने।
BJP ने पूछा – किसके इशारे पर हो रहा यह विरोध
भाजपा ने X पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि जब देश आगे बढ़ने की बात करता है, तो कांग्रेस रोड़े अटकाती है, जब भारत मजबूत होने की बात करता है, तो राहुल गांधी विरोध में खड़े हो जाते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर यह विरोध हो रहा है? भारत की सुरक्षा को कमजोर करना किसके हित में है?
बड़ा सवाल, आखिर ये यह विरोध किसके लिए
भाजपा ने X पर कुछ लोगों द्वारा बनाये वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ” ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट जो हिंद महासागर में चीन की बढ़त को सीधी चुनौती देगा। राहुल गांधी अब आदिवासियों को अपनी ढाल बनाकर इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। लेकिन सच यह है कि यह पूरा विकास कार्य केवल एक सीमित क्षेत्र में हो रहा है, जबकि शेष भूमि आदिवासियों के लिए पूरी तरह संरक्षित है। यहां तक कि स्थानीय आदिवासी समुदाय ने आधिकारिक NOC भी दे दी है। तो फिर यह विरोध किसके लिए? न आदिवासियों के लिए, न पर्यावरण के लिए। यह विरोध सिर्फ इसलिए है क्योंकि इस प्रोजेक्ट से चीन का सामरिक हित सीधे खतरे में पड़ता है।”
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत की शक्ति, भारत का भविष्य
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत की शक्ति, भारत का भविष्य। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि हिंद महासागर में भारत की सामरिक पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करेगा। दुनिया के मानचित्र पर भारत की एक नई और सशक्त पहचान बनेगी। लेकिन सवाल यह है, जो प्रोजेक्ट भारत को इतना मजबूत बना रहा है, राहुल गांधी उसका विरोध क्यों कर रहे हैं? जवाब सीधा है, क्योंकि चीन यही चाहता है।
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार के जंगल में बनाई वीडियो
गौरतलब है कि राहुल गांधी बंगाल चुनावों के बीच अचानक अंडमान निकोबार पहुंच गए उन्होंने ग्रेट निकोबार के जंगल को देखा वहां वीडियो बनाई और यहाँ चल रहे प्रोजेक्ट का विरोध किया, राहुल गांधी ने वीडियो शेयर करते हुए कहा- आज मैंने ग्रेट निकोबार की यात्रा की। ये अब तक के सबसे असाधारण जंगल हैं जो मैंने अपने जीवन में देखे हैं। ऐसे पेड़ जो स्मृति से भी पुराने हैं। ऐसे जंगल जिन्हें उगने में कई पीढ़ियाँ लग गईं। इस द्वीप के लोग समान रूप से सुंदर हैं – चाहे आदिवासी समुदाय हों या बसने वाले – लेकिन उनसे उनका हक छीना जा रहा है।
“यह विकास के आवरण में लिपटा विनाश है”
राहुल गांधी ने कहा सरकार इसे “परियोजना” कहती है। मैंने जो देखा है, वह कोई परियोजना नहीं है। ये लाखों पेड़ हैं जिन्हें कुल्हाड़ी से काटा जाना है। ये 160 वर्ग किलोमीटर का वर्षावन है जो मरने के कगार पर है। ये वे समुदाय हैं जिन्हें नजरअंदाज किया गया है जबकि उनके घर छीन लिए गए हैं। राहुल गांधी बोले- यह विकास नहीं है। यह विकास के आवरण में लिपटा विनाश है। इसलिए मैं स्पष्ट रूप से कहूंगा, और कहता रहूंगा कि ग्रेट निकोबार में जो हो रहा है, वह हमारे जीवनकाल में इस देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे जघन्य अपराधों में से एक है। इसे रोकना होगा। और इसे रोका जा सकता है – यदि भारतीय वही देखें जो मैंने देखा है।






