अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा से लौटे भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सोमवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके आवास लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। शुभांशु, जो 25 जून 2025 को एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष में गए थे, भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने आईएसएस पर 18 दिन बिताए। इस मुलाकात में उन्होंने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभवों को पीएम मोदी के साथ साझा किया और भारत के अंतरिक्ष मिशनों के भविष्य पर चर्चा की।
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने शुभांशु से उनके द्वारा दिए गए “होमवर्क” की प्रगति के बारे में पूछा। जवाब में शुभांशु ने हंसते हुए कहा कि होमवर्क पर अच्छा काम हुआ है और लोग उन्हें यह कहकर चिढ़ा रहे थे कि प्रधानमंत्री ने उन्हें होमवर्क दिया है। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की शुरुआत मात्र है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए अनुभव और ज्ञान जुटाना था। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को 40-50 अंतरिक्ष यात्रियों की एक मजबूत टीम तैयार करनी चाहिए, और शुभांशु का अनुभव गगनयान जैसे मिशनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
शुभांशु ने की गगनयान मिशन की चर्चा
शुभांशु ने बताया कि गगनयान मिशन को लेकर देश और दुनिया में उत्साह है। उन्होंने कहा कि एक्सिओम-4 मिशन के उनके साथी गगनयान के प्रक्षेपण के बारे में जानने को उत्सुक थे और कई ने इसे देखने के लिए भारत आने का वादा भी किया। पीएम मोदी ने इस दौरान भारत के आत्मनिर्भर अंतरिक्ष कार्यक्रम पर जोर दिया और कहा कि शुभांशु का मिशन देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं का पहला कदम है, जो भविष्य के मिशनों को मजबूती देगा।
अंतरिक्ष अनुभवों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुभांशु के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “शुभांशु शुक्ला के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने उनके अंतरिक्ष अनुभवों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति, और गगनयान मिशन सहित कई विषयों पर चर्चा की। भारत को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है।” इससे पहले भी पीएम मोदी ने शुभांशु से बात की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भले ही भारत से दूर थे, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों के दिलों के करीब हैं। उनकी यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष युग में एक शुभ आरंभ है।






