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पवन खेड़ा को फिर झटका, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका, लटकी गिरफ़्तारी की तलवार

Written by:Atul Saxena
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अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज होने के बाद अब पवन खेड़ा पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है, असम पुलिस कभी भी उनकी गिरफ़्तारी के लिए निकल सकती है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर सकती है।
पवन खेड़ा को फिर झटका, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका, लटकी गिरफ़्तारी की तलवार

Guwahati High Court dismissed Pawan Khera anticipatory bail plea

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं, सुप्रीम कोर्ट से पिछले दिनों झटका मिलने के बाद अब उन्हें असम की गुवाहाटी हाई कोर्ट से फिर झटका मिला है, अदालत ने आज फैसला सुनाते हुए पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को ख़ारिज कर दिया है, याचिका के ख़ारिज होने के बाद अब पवन खेड़ा पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है, पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज एक आपराधिक मामले में अदालत से जमानत मांगी थी, मंगलवार को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया की अदालत में इस मामले में करीब तीन घंटे सुनवाई हुई थी।

पवन खेड़ा की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि मेरे क्लाइंट के भागने का कोई खतरा नहीं है, ये एक साधारण मानहानि का मामला है इसलिए उन्हें जमानत दे देनी चाहिए, इसमें उनकी गिरफ़्तारी की जरुरत भी नहीं है। वहीं असम सरकार की तरफ से पेश हुए एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने जमानत क अविरोध करते ही तर्क दिया कि यह कोई साधारण मानहानि का मामला नहीं है इसमें मुख्य अपराध धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी का है।

गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने पिछले दिनों दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कांफ्रेंस कर असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर तीन देशों के पासपोर्ट होने और विदेश में संपत्ति, कंपनियां होने के गंभीर आरोप लगाये थे जिसके बाद रिंकी भुइयां ने गुवाहाटी की क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, असम पुलिस ने बीएनएस की अलग अलग धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पवन खेड़ा ने असम सीएम की पत्नी पर लगाये हैं गंभीर आरोप 

आपको बता दें कि असम चुनावों के दरमियान 5 अप्रैल को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सांसद गौरव गोगोई और अन्य के साथ मौजूदगी में रिंकी भुइयां पर गंभीर आरोप लगाये थे, उन्होंने एक बड़ी से स्क्रीन पर दस्तावेजी प्रमाण पेश करते हुए तीन देशों के पासपोर्ट, विदेश में संपत्ति, विदेश में कंपनी होने का दावा किया था, जिसके बाद सियासत में उबाल आ गया था, लेकिन तत्काल पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोपों को झूठा बताया और दस्तावेजों को फर्जी बताया फिर उनकी ने 6 अप्रैल को पुलिस में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया।

ऐसा रहा है पूरा घटनाक्रम 

मामला दर्ज होने के दो दिन बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित निवास पर छापा मारा था लेकिन वे वहां नहीं मिले और गायब हो गए थे, एक दिन बाद वे सामने आये और अपने आरोपों पर टिके रहे, इस दौरान वे 10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट पहुंचें जहाँ से उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत मिल गई, तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले को असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी और असम हाई कोर्ट जाने के निर्देश दिए, जहाँ आज गुवाहाटी हाई कार्ट ने अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर दी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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