मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को दिए जाने वाली पैरासिटामोल सिरप के एक विशेष बैच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई भोपाल स्थित सरकारी ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी की जांच में दवा के अमानक पाए जाने के बाद हुई है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर इसकी सप्लाई और उपयोग बंद करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह दवा बच्चों के उपचार में उपयोग होती है इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अन्य बैचों की दवाएं फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उनकी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
पैरासिटामोल सिरप के एक विशेष बैच पर प्रतिबंध
जानकारी के अनुसार, सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपयोग हो रही पैरासिटामोल पीडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन IP 125 mg/5ml (बैच नंबर 41507) के नमूने जांच के लिए जबलपुर से भोपाल भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि यह सिरप निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल अलर्ट जारी कर मध्यप्रदेश में इसपर प्रतिबंध लगा दिया है। अगर आपके घर में भी इस तरह का सिरप है तो तुरंत उसे चेक करें और आवश्यक हो तो डॉक्टर की सलाह लें।
सभी अस्पतालों को इसका वितरण बंद करने के निर्देश
जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने सख्त निर्देश देते हुए जिले के सभी सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों में इस बैच की दवा के उपयोग और वितरण को तुरंत बंद करने को कहा है। साथ ही संबंधित स्टॉक को अलग रखकर उसकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह दवा इंदौर स्थित कंपनी मेसर्स जेनिथ ड्रग्स लिमिटेड द्वारा निर्मित की गई थी जिसकी निर्माण तिथि नवंबर 2024 और एक्सपायरी अक्टूबर 2026 निर्धारित है। विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि इस बैच की कितनी दवा जबलपुर में सप्लाई की गई थी और उसमें से कितनी खपत हो चुकी है।






