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ICG का 50वां स्थापना दिवस: 7 जहाजों से 155 के बेड़े तक, जानें भारतीय तटरक्षक बल का गौरवशाली सफर

Written by:Ankita Chourdia
Published:
भारतीय तटरक्षक बल 1 फरवरी 2026 को अपना 50वां स्थापना दिवस मनाएगा। 1977 में महज 7 जहाजों के साथ शुरू हुआ यह बल आज 155 जहाजों और 80 विमानों के साथ देश की समुद्री सीमाओं का प्रहरी है। जानें इसकी उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं।
ICG का 50वां स्थापना दिवस: 7 जहाजों से 155 के बेड़े तक, जानें भारतीय तटरक्षक बल का गौरवशाली सफर

नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल (ICG) 1 फरवरी 2026 को अपनी स्थापना के 50 साल पूरे करने जा रहा है। 1977 में एक छोटी सी शुरुआत से लेकर आज यह बल भारत की विशाल समुद्री सीमाओं का एक प्रमुख और भरोसेमंद रक्षक बन चुका है। अपनी स्थापना के समय इसके पास महज 7 जहाज थे, लेकिन आज यह 155 जहाजों और 80 विमानों के आधुनिक बेड़े के साथ दुनिया की सबसे बड़ी तटरक्षक सेनाओं में से एक है।

1 फरवरी 1977 को स्थापित, ICG का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा, तस्करी रोकना, समुद्री कानूनों को लागू करना और समुद्र में फंसे लोगों की जान बचाना है। अपने आदर्श वाक्य ‘वयं रक्षामः’ यानी ‘हम रक्षा करते हैं’ को चरितार्थ करते हुए यह बल दिन-रात देश की सेवा में लगा हुआ है।

समुद्र का प्रहरी: विशाल जिम्मेदारी

भारतीय तटरक्षक बल के कंधों पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह भारत के 2.01 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैले विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और लगभग 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा की निगरानी करता है। अत्याधुनिक जहाजों, विमानों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणालियों की मदद से ICG हर पल समुद्र पर अपनी पैनी नजर बनाए रखता है।

संकट में जीवनरक्षक

समुद्री सुरक्षा के अलावा, ICG की सबसे बड़ी पहचान एक जीवनरक्षक बल के रूप में है। किसी भी समुद्री आपदा, जैसे तूफान, नाव दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी में, यह सबसे पहले मदद के लिए पहुंचता है। अब तक तटरक्षक बल ने 11,800 से अधिक लोगों की जान बचाकर एक मिसाल कायम की है। इसने कई महत्वपूर्ण अभियानों में भारतीय नौसेना के साथ मिलकर भी काम किया है।

2030 तक और बढ़ेगी ताकत

भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सरकार तटरक्षक बल को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य के अनुसार, साल 2030 तक ICG के बेड़े में 200 जहाज और 100 विमान शामिल किए जाएंगे। इस विस्तार से यह दुनिया के शीर्ष तटरक्षक बलों में अपनी जगह और भी मजबूत कर लेगा।

आत्मनिर्भर भारत की मिसाल

तटरक्षक बल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूती दे रहा है। बल में शामिल किए जा रहे ज्यादातर नए जहाज, विमान, हेलिकॉप्टर और निगरानी उपकरण स्वदेशी हैं। इसके साथ ही जवानों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नारी शक्ति और वैश्विक पहचान

भारतीय तटरक्षक बल महिलाओं को हर भूमिका में समान अवसर प्रदान करता है, चाहे वह समुद्री हो, हवाई हो या तटीय। इससे बल की क्षमता और समावेशिता दोनों बढ़ी है। वैश्विक स्तर पर भी भारत की समुद्री ताकत को पहचान मिली है। साल 2025 में 50वें ग्लोबल कोस्ट गार्ड समिट की अध्यक्षता भारत को मिलना इसका एक बड़ा प्रमाण है।

50वें स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों और जवानों को बधाई दी और राष्ट्र की समुद्री सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।