नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 मार्च 2026 से शुरू होने जा रहा है। जो 25 मार्च तक चलेगा। तीन दिवसीय इस सत्र में सरकार अपनी आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं को सदन में रखेगी। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता 24 मार्च को सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट पेश करेंगी। दिल्ली की जनता को इस बजट से कई उम्मीदें हैं।
उपराज्यपाल के अभिभाषण से होगा सत्र का आगाज
16 मार्च 2026, सोमवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र की तारीखों पर मुहर लगी। पहले दिन 23 मार्च को उपराज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। इसके बाद उसी दिन इसी दिन सरकार सदन के पटल पर दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण भी रखेगी।
बता दें कि रेखा सरकार का यह दूसरा बजट है। रेखा सरकार के दूसरे बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा सकती है। दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने से पहले अपने खर्च से जुड़े प्रस्ताव समय पर जमा करें।
बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रदूषण मुद्दों पर खास फोकस
रेखा सरकार इस बार के बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा फोकस कर सकती है। सरकार दिल्ली में मेडिकल हब बनाने की तैयारी में जुटी है। वहीं शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। जिसमें ‘सीएम श्री स्कूल’ योजना का विस्तार और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल हो सकता है
इतना ही नहीं प्रदूषण और पर्यावरण से संबंधित मुद्दे जिसमें यमुना की सफाई, ग्रीन कवर बढ़ाना और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को 7,000 तक ले जाने का लक्ष्य शामिल हो सकता है। माना जा रहा है कि आगामी बजट के माध्यम से रेखा गुप्ता सरकार राजधानी के विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं और पहलों की घोषणा कर सकती हैं।
सदन में हंगामे के आसार
बजट सत्र में विपक्ष रेखा सरकार पर कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है। अगर देखा जाए तो विपक्ष आए दिन सरकार पर कई आरोप लगाता है। वहीं सदन में शराब नीति से जुड़े पुराने मामलों, शिक्षा व्यवस्था, बढ़ते प्रदूषण, यमुना सफाई जैसे मुद्दों पर हंगामा हो सकता है।





