स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जारी राजनीतिक टकराव अब न्यायपालिका तक पहुंच गया है। दरअसल इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को संयुक्त पत्र भेजा है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर निष्पक्ष तरीके से विचार होना चाहिए।
दरअसल कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि यह पत्र 30 जून को भेजा गया है। उनके अनुसार इस पत्र पर 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कहा है कि विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी बात रख रहा है।
21 political parties plus one Independent attended the INDIA janbandhan meeting on June 8, 2026 where a decision was taken to address a joint letter to the Hon’ble Chief Justice of India on the SIR process of the Election Commission of India and other election-related issues.…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 30, 2026
जानिए विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल?
इसके साथ ही इंडिया गठबंधन का कहना है कि चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर न्यायपालिका का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई है।
8 जून को हुई बैठक में लिया गया था फैसला
दरअसल विपक्षी नेताओं के मुताबिक, 8 जून 2026 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उस बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य ने हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से तय किया गया कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर एक संयुक्त पत्र तैयार कर भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा। बाद में इस पहल को और समर्थन मिला तथा कुल 23 दल इस पत्र के साथ जुड़ गए। विपक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी संस्था पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
बैठक में किन मुद्दों पर बनी थी सहमति?
जानकारी दे दें कि इंडिया गठबंधन की 8 जून को हुई बैठक में केवल SIR प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया था कि सभी सहयोगी दलों ने पांच प्रमुख मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ने का फैसला किया है। इनमें मतदाता सूची से जुड़ी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया, चुनाव में कथित धांधली और वोट की सुरक्षा, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग, साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति जैसे विषय शामिल हैं।






