भारत ने क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में स्थित अपने दूतावास में हुई घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे ‘भारत-विरोधी तत्वों’ की करतूत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। भारत ने मेजबान देश से राजनयिक परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 22 जनवरी 2026 को इस घटना पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत ने इस मामले को नई दिल्ली और जाग्रेब, दोनों स्तरों पर क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है।

भारत-विरोधी तत्वों पर आरोप

मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि यह हमला भारत-विरोधी तत्वों द्वारा किया गया है। प्रवक्ता जायसवाल ने अपने बयान में इस घटना को घृणित और गैरकानूनी करार दिया।

“हम क्रोएशिया के जाग्रेब में हमारे दूतावास पर भारत-विरोधी तत्वों द्वारा की गई घुसपैठ और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसी घटनाएं इस साजिश के पीछे मौजूद लोगों के चरित्र और मंशा को उजागर करती हैं।” — रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, MEA

भारत ने दुनियाभर के कानून प्रवर्तन अधिकारियों से भी अपील की है कि वे ऐसी हरकतों पर कड़ी नजर रखें और इन्हें रोकने के लिए कदम उठाएं।

वियना कन्वेंशन का उल्लंघन

यह घटना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। वियना कन्वेंशन के अनुसार, किसी भी राजनयिक परिसर को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता और उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी मेजबान देश की होती है। भारत ने इसी नियम का हवाला देते हुए क्रोएशिया से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

क्रोएशिया की प्रतिक्रिया का इंतजार

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना वास्तव में कब हुई और इसमें कितना नुकसान हुआ है। रिपोर्टों में केवल घुसपैठ और तोड़फोड़ का जिक्र है, लेकिन इसके स्वरूप को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इस मामले पर क्रोएशिया सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।