नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति बन गई है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों के संबंधों में एक मील का पत्थर बताया है। इस समझौते से व्यापार, निवेश और सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख क्षेत्रों पर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह दिन भारत-EU के साझा इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस करार की घोषणा की।
“यह समझौता दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हुआ है, जो हमारे बीच व्यापार, निवेश और सहयोग को एक नई दिशा देगा।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
व्यापार और निर्यात को मिलेगी नई उड़ान
इस FTA के तहत भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय बाजार के दरवाजे और खुल जाएंगे। समझौते के मुताबिक, भारत के करीब 75 अरब डॉलर के निर्यात पर लगने वाले कई तरह के शुल्क (टैरिफ) या तो कम कर दिए जाएंगे या पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। इससे भारतीय उत्पादों को यूरोप में एक बड़ी और सीधी पहुंच मिलेगी।
इसके अलावा, IT, वित्तीय सेवाएं और शिक्षा जैसे 144 यूरोपीय संघ के उप-क्षेत्रों में भारत को एक निश्चित और पूर्वानुमानित बाजार पहुंच (predictable access) मिलेगी, जिससे सेवा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
MSME, किसान और युवाओं के लिए बड़े अवसर
यह समझौता सिर्फ बड़े उद्योगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME), किसानों और युवाओं तक फैला हुआ है।
किसानों और MSME के लिए: इस FTA से भारतीय किसानों, छोटे उद्योगों और MSME सेक्टर को यूरोपीय बाजारों तक आसान पहुंच हासिल होगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे और छोटे कारोबारियों के लिए अपना सामान यूरोप भेजना आसान हो जाएगा। साथ ही, EU के कार्बन नियमों (CBAM) को लेकर भारतीय MSME को तकनीकी और वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान है, ताकि वे नए वैश्विक मानकों के लिए तैयार हो सकें।
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए: समझौते में भारतीय छात्रों के लिए एक पोस्ट-स्टडी वीजा फ्रेमवर्क भी शामिल है। इसके तहत छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद कम से कम 9 महीने तक यूरोप में रहकर काम के अवसर तलाश सकते हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े पेशेवरों को भी यूरोपीय संघ के देशों में काम करने की अनुमति मिलेगी।
एक मजबूत आर्थिक साझेदारी की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ को और करीब लाएगा। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे, व्यवसायों को नए बाजार मिलेंगे और दोनों पक्षों के बीच आर्थिक रिश्ते और गहरे होंगे। यह FTA एक मजबूत, भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Today is a day that will be remembered forever, marked indelibly in our shared history.
European Council President António Costa and European Commission President Ursula von der Leyen and I are delighted to announce the conclusion of the historic India-EU Free Trade Agreement.… pic.twitter.com/yaSlPm2b2L
— Narendra Modi (@narendramodi) January 27, 2026





