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भारत का सबसे पढ़ा-लिखा गांव, जहां हर गली में हैं अंग्रेजी मीडियम स्कूल!

Written by:Sanjucta Pandit
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हम आपको भारत के बड़े और छोटे गांव के बारे में बता चुके हैं, लेकिन आज हम आपको उस गांव से रूबरू करवाने वाले हैं, जो देश का ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा गांव है।
भारत का सबसे पढ़ा-लिखा गांव, जहां हर गली में हैं अंग्रेजी मीडियम स्कूल!

भारत की 70% से ज्यादा आबादी गांव में रहती है, जहां लोग कृषि पर निर्भर होते हैं। कुछ गांव बहुत बड़े हैं, तो कुछ गांव ऐसे भी हैं, जो क्षेत्रफल और आबादी की दृष्टि से छोटे हैं। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में करीब 6 लाख 28 हजार 221 से ज्यादा गांव है। हालांकि, जनसंख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

पिछले कई सारे आर्टिकल्स में हम आपको भारत के बड़े और छोटे गांव के बारे में बता चुके हैं, लेकिन आज हम आपको उस गांव से रूबरू करवाने वाले हैं, जो देश का ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा गांव है। यहां लगभग 80 फ़ीसदी घरों के मेंबर्स अधिकारी हैं।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम

हमारे देश के रीति-रिवाज, संस्कृति, खान-पान, फिल्म, टूरिस्ट प्लेस दुनिया भर में प्रसिद्ध है। साक्षरता के मामले में भी भारत किसी से पीछे नहीं है। यहां एक ऐसा गांव मौजूद है, जहां के लोग सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। इस गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।

धोर्रा माफी गांव (Dhorra Mafi Village)

यह गांव उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के जवां ब्लॉक में स्थित है, जिसका नाम धोर्रा माफी गांव है, जो कि पूरे एशिया में सबसे पढ़ा लिखा गांव माना जाता है। साल 2002 में इस गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था। उस समय यहां का साक्षरता दर 75 फ़ीसदी से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ था। इस गांव में पक्के मकान, बिजली पानी की 24 घंटे सप्लाई सहित कई सारे इंग्लिश मीडियम स्कूल और कॉलेजेस है। यहां के लोग लग्जरी लाइफ़स्टाइल जीते हैं। यहां खेती पर लोगों की निर्भरता कम है, क्योंकि ज्यादातर लोग यहां नौकरी करते हैं।

11 हजार की आबादी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गांव में लगभग 11000 लोगों की आबादी है। जिनमें से करीब 90% से ज्यादा लोग पढ़े लिखे हैं। केवल इतना ही नहीं, वह देश भर में बड़े-बड़े सरकारी पदों पर तैनात है। इस गांव से लोग डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रोफेसर सहित आईएएस अफसर बन चुके हैं।

मिलकर रहते हैं लोग

इस गांव की हर महिला और हर पुरुष एक समान है। सभी कार्यों में लोगों की बराबर हिस्सेदारी होती है। यहां सभी समुदाय के लोग मिलकर एक साथ रहते हैं। यहां का स्थानीय कल्चर बाकी सभी गांव से काफी अलग है, जो इसे बेहद खूबसूरत बनाता है। यदि आपको यहां जाने का मौका मिले तो आप इस गांव को जरुर एक्सप्लोर करें।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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