भारतीय वायुसेना आज ऑस्ट्रेलिया के बेस डार्विन में आयोजित किए गए अभ्यास पिच ब्लैक 2026 में अपने शौर्य का प्रदर्शन करने वाली है। इस दौरान राफेल लड़ाकू विमान ऑस्ट्रेलिया के आसमान में गर्जना करते हुए दिखाई देने वाले हैं।
अभ्यास पिच ब्लैक एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय हवाई मुकाबला है। इस साल ये 45वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 20 जुलाई से 7 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में वायुसैनिक और विमान देखने को मिलने वाले हैं।
ऑस्ट्रेलिया में गूंजेगी राफेल की गर्जना
इस युद्ध अभ्यास का फोकस उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विशाल और कम आबादी वाले इलाकों में रात के घने अंधेरे में उड़ान भरने और युद्ध कौशल को दिखाने पर होता है। यही वजह है कि इसका नाम पिच ब्लैक रखा गया है। राफेल लड़ाकू विमान को भारत के सिकंदर के नाम से पहचाना जाता है। इस आयोजन में मुख्य भूमिका निभाएंगे। इन लड़ाकू विमान को युद्धक सहायता देने के लिए। सी 17 ग्लोबमास्टर तृतीय रणनीतिक परिवहन विमान और हवा में ईंधन भरने वाला आईएल 78 टैंकर विमान मौजूद रहने वाला है।
मजबूत होगा हिंद प्रशांत का रिश्ता
इस युद्ध अभ्यास को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इसमें वायु सेना के जांबाज़ पायलट, टेक्नीशियन, इंजीनियर और रणनीतिक विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। यह एक ऐसा मौका है जिससे न केवल लंबी दूरी के अभियानों को परखने का मौका मिलेगा। बल्कि भारत ऑस्ट्रेलिया के हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी तालमेल को भी मजबूती मिलेगी।
पहले भी दिखा भारत का जज्बा
बता दें कि इसके पहले साल 2018, 2022 और 2024 में आयोजित हुए युद्ध अभ्यास में भारत अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर चुका है। इस बार भी वैश्विक मंच पर भारतीय वायुसेना अपनी बढ़ती ताकत, पेशेवर साझेदारी और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दुनिया के सामने पेश करेगी।






