अगर आप पुरी के जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं तो ये जान लीजिए कि बुधवार के दिन 4 घंटे के लिए मंदिर के कपाट बंद रहने वाले हैं। चतुर्द विग्रह बानाकलागी नीति के कारण श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक दर्शन लगभग 4 घंटे तक निलंबित रहेगा। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन द्वारा यह जानकारी दी गई है।
मंदिर प्रशासन द्वारा बताया गया कि यह विशेष अनुष्ठान फाल्गुनी प्रश्न पक्ष की दशमी तिथि यानी 11 फरवरी दिन बुधवार को संपन्न होगा। इसमें दूसरे भोग मंडप भोग के समापन के बाद शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक सभी द्वारा बंद रहेंगे। इस दौरान आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं रहेगी।
प्राचीन परंपरा का होगा पालन
मंदिर में प्राचीन परंपराओं का पालन लंबे समय से किया जाता रहा है। बानाकलागी नीति भी एक बहुत ही गोपनीय और विशेष अनुष्ठान है। इसे दत्ता महापात्र सेवक रत्न बेदी पर संपन्न करते हैं। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा देवी और सुदर्शन के पवित्र श्रीमुख को प्राकृतिक रंगों और सुगंधित द्रव्यों से सजाया जाता है।
इन चीजों का होता है प्रयोग
अनुष्ठान की दौरान श्रीमुख श्रृंगार के लिए हिंगुला, हरिताला, शंख और काला रंग जैसी सामग्रियों का उपयोग होता है। इसमें कस्तूरी और केसर जैसी सुगंधित वस्तुएं मिलाई जाती है। देवताओं को अर्पित करने से पूर्व इन रंगों को परंपरागत विधि से कपूर और कस्तूरी से तैयार किया जाता है।
अनुष्ठान के बाद खुलेंगे द्वार
अनुष्ठान पूरा होने के बाद महाप्रभु को स्नान करवाया जाता है। इसके बाद सभी द्वारा वापस खोल दिए जाएंगे और सामान्य श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इस अनुष्ठान का आयोजन महीने में दो बार किया जाता है। परंपराओं के अनुसार एक केवल बुधवार को ही संपन्न होता है। इस दौरान मंदिर पूर्ण रूप से बंद रहता है और दर्शन वर्जित होते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।





