आज भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी 98 वर्ष के हो गए हैं। लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने लालकृष्ण आडवाणी के लिए अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। लालकृष्ण आडवाणी राजनीतिक जगत के बड़े चेहरा रहे हैं। कहते हैं कि देश में बीजेपी को मजबूत करने में लालकृष्ण आडवाणी का सबसे बड़ा योगदान रहा है। 2024 में लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इतना ही नहीं, साल 2015 में उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
8 नवंबर 1927 को जन्मे लालकृष्ण आडवाणी ने राजनीति की सभी कामयाबियां हासिल कीं। उनका जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था। वह हिंदू सिंधी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और माता का नाम ज्ञान देवी है। लालकृष्ण आडवाणी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजनीतिक जगत की सभी कामयाबियां हासिल करने वाले लालकृष्ण आडवाणी कुल कितनी संपत्ति के मालिक हैं?
कुल संपत्ति कितनी संपत्ति के मालिक हैं?
बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी की कुल संपत्ति 7.59 करोड़ रुपए बताई जाती है। दरअसल, लालकृष्ण आडवाणी ने साल 2009 में चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति 3.5 करोड़ रुपए बताई थी। इतना ही नहीं, गुड़गांव में दो फ्लैट और गांधीनगर में एक मकान भी बताया था। 2009 के हलफनामे में लगभग 14.4 लाख रुपए के आभूषण भी बताए गए थे। लालकृष्ण आडवाणी भाजपा का बड़ा चेहरा रहे हैं। 2009 के चुनाव के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव तक लालकृष्ण आडवाणी और उनके परिवार की संपत्ति दोगुनी हो गई थी। वहीं, गांधीनगर और गुड़गांव के मकान और फ्लैट की कुल कीमत पर नजर डाली जाए तो 2014 में यह लगभग 5.57 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं
आज लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के व्यक्तित्व का उल्लेख किया और कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने सदैव निस्वार्थ कर्तव्य और अटल सिद्धांतों की भावना को अपनाया है। उनके योगदान ने भारत के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करें। बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी 1999 से 2004 तक देश के गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल के प्रमुख स्तंभ रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारत की आंतरिक सुरक्षा और वैश्विक छवि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।





