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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UAE में NRI छात्रों से क्यों की बातचीत? सफलता का मंत्र और भारत जोड़ो यात्रा के अनुभव किए साझा

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में युवा NRI छात्रों के एक समूह के साथ संवाद किया। इस बातचीत का वीडियो उनके यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है, जिसमें वे छात्रों को सफलता, दबाव और आत्मविश्वास से जुड़े सवालों के जवाब देते हुए नजर आ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UAE में NRI छात्रों से क्यों की बातचीत? सफलता का मंत्र और भारत जोड़ो यात्रा के अनुभव किए साझा

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में युवा NRI छात्रों के साथ एक खास बातचीत की। इस संवाद का एक वीडियो राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट पर साझा किया गया है, जिसमें वह GenZ पीढ़ी के छात्रों के मन में उठने वाले सवालों का जवाब दे रहे हैं।

इस मुलाकात के दौरान छात्रों ने राहुल गांधी से उनकी भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कई सवाल पूछे। राहुल ने यात्रा के अपने अनुभव विस्तार से बताए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग और धर्म के लोग शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि कैसे हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई समेत विभिन्न समुदायों के हजारों लोग उनके साथ चले, जो भारत की विविधता का प्रतीक था।

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं

जब एक छात्र ने सफलता पाने का तरीका पूछा, तो राहुल गांधी ने उन्हें लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं को समझाया कि सफलता आसानी से नहीं मिलती और इस रास्ते में कई बार असफलता का सामना करना पड़ता है।

“सफलता के लिए आपको लगातार मेहनत करनी होगी। इस दौरान आप कई बार हारोगे या फेल होगे। लेकिन आपको रूकना नहीं है, मेहनत करते रहना है। फिर एक दिन आएगा जब आप सफलता का स्वाद चखोगे।”- राहुल गांधी

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर दिन किया गया परिश्रम ही अंत में बड़ी सफलता की नींव रखता है।

पहचान, दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा

यह बातचीत सिर्फ राजनीति या सफलता तक सीमित नहीं रही। राहुल गांधी ने छात्रों के साथ पहचान, जीवन के मकसद और आज के युवाओं पर पड़ने वाले दबाव जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा की। छात्रों ने खुलकर अपनी insegurities, आत्मविश्वास में कमी और जज किए जाने के डर के बारे में बात की।

राहुल ने बताया कि इस चर्चा में GenZ की कुछ सबसे जरूरी चिंताओं को छुआ गया, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रोफेशन और पैशन के बीच संतुलन बनाना
  • सोचने और खुद को अभिव्यक्त करने की आजादी
  • चिंता (Anxiety) और नकारात्मक जजमेंट से निपटना

कई छात्रों ने माना कि वे हमेशा खुलकर बोलने में सहज महसूस नहीं करते। इस पर राहुल गांधी ने उन्हें समझाया कि यह कमियां लगभग हर किसी में होती हैं, लेकिन इन पर खुद ही पार पाना होता है। उन्होंने कहा कि जब आप खुले तौर पर जीना शुरू करते हैं, तो सभी शंकाएं धीरे-धीरे दूर हो जाती हैं।