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दिल्ली में बीजेपी सरकार का एक साल पूरा, AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने ‘फर्जीवाड़ा दिवस’ बताकर चुनाव में धांधली के लगाए आरोप

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का एक साल पूरा होने पर आम आदमी पार्टी ने तीखा हमला बोला है। AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 8 फरवरी को 'फर्जीवाड़ा दिवस' करार देते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने झूठ, चोरी और फर्जीवाड़े से चुनाव जीता था। उन्होंने जनकपुरी हादसे को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
दिल्ली में बीजेपी सरकार का एक साल पूरा, AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने ‘फर्जीवाड़ा दिवस’ बताकर चुनाव में धांधली के लगाए आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली में बीजेपी की सरकार बने एक साल पूरा हो गया है। 8 फरवरी को विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पार्टी ने 27 साल के लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की थी। जहां एक ओर बीजेपी और दिल्ली सरकार इस एक साल को उपलब्धियों भरा बताकर जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस दिन को ‘फ्रॉड डे’ यानी ‘फर्जीवाड़ा दिवस’ करार दिया है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ठीक एक साल पहले भारतीय जनता पार्टी ने झूठ, चोरी और फर्जीवाड़े के दम पर दिल्ली में चुनाव जीता था।

‘यह फर्जीवाड़ा दिवस की सालगिरह है’

सौरभ भारद्वाज ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जूते, चप्पल और चेन तक बांटी गईं ताकि चुनाव को लूटा जा सके। उन्होंने प्रवेश वर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे 1100 रुपये देकर पांच साल का कार्ड बांटा गया और बाद में उसे पिताजी का एनजीओ बता दिया गया।

“दिल्ली में एक साल पहले फर्जीवाड़े से सरकार बनी थी। आज उस फर्जीवाड़ा दिवस की पहली सालगिरह है, शुभकामनाएं देना चाहता हूं।”- सौरभ भारद्वाज, AAP नेता

भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर भी ‘फर्जीवाड़ा दिवस की शुभकामनाएं’ लिखकर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की विधानसभा में ही 42,000 वोट काट दिए गए।

जनकपुरी हादसे को लेकर भी सरकार पर निशाना

AAP नेता ने अपने आरोपों को सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि हाल ही में हुए जनकपुरी हादसे को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि हादसे में जान गंवाने वाले कमल ध्यानी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं आई है, जबकि सामान्य तौर पर यह 24 घंटे में आ जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया, “कॉन्ट्रैक्टर केके स्पन को क्यों बचाया जा रहा है? उसका नाम गायब कर दिया गया और दिल्ली पुलिस मजदूरों के पीछे भाग रही है। जनकपुरी हादसे में पहले दिन से दिल्ली सरकार फर्जीवाड़ा कर रही है और असली कॉन्ट्रैक्टर को बचाने के लिए मजदूरों के पीछे पड़ गई है।”

‘मंत्रियों ने झूठ बोला, असली दोषियों को बचाया जा रहा’

सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी के मंत्रियों पर भी झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा ने कैमरे पर कहा कि घटनास्थल पर बैरिकेडिंग थी, जबकि दिल्ली पुलिस की FIR में साफ लिखा है कि कोई बैरिकेडिंग नहीं थी।

उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। भारद्वाज ने दावा किया कि 6 थानों ने FIR दर्ज नहीं की और अब उत्तर प्रदेश जाकर मजदूरों को पकड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के स्तर पर SHO को ऐसे मामलों में रिपोर्ट दर्ज न करने के लिए कहा गया है, ताकि अपराध के आंकड़ों को कम दिखाया जा सके। उन्होंने इसकी तुलना प्रदूषण कम करने के बजाय सिर्फ AQI के आंकड़े कम करने से की। भारद्वाज ने कहा कि यह फर्जीवाड़े की प्रयोगशाला है जिसकी शुरुआत गुजरात से हुई थी और आज पूरे देश में चल रही है।