देशभर में लगातार हो रहे परीक्षा पेपर लीक के मामलों के बीच अब महाराष्ट्र में भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है। रविवार, 28 जून, 2026 को होने वाली यह महत्वपूर्ण परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द कर दी गई है, जिसके बाद विपक्ष ने महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। इस गंभीर मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार, 27 जून, 2026 को कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को अब ‘वसूली का सिस्टम’ बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने अपने तीखे शब्दों में कहा, “एक और पेपर लीक। एक और परीक्षा रद्द। इस बार महाराष्ट्र का टीईटी। यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।” राहुल गांधी के इन बयानों ने केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें लगातार विफलता देखने को मिल रही है। यह घटनाएं सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती हैं, जो युवाओं के सपनों को बार-बार तोड़ने का काम कर रही है।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार को बताया ‘पेपर लीक सरकार’
कांग्रेस पार्टी भी इस मामले को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से भाजपा सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए उसे ‘पेपर लीक सरकार’ करार दिया है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा, “एक और पेपर लीक। महाराष्ट्र में टीईटी का पेपर लीक हो गया है। कल यह परीक्षा होने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया गया है।” पार्टी ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं बचा है, जो लीक नहीं होता। यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी के अपने दावों से भटक चुकी है और युवाओं के सपनों को कुचलने का काम कर रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह घटनाएं सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित विफलता का परिणाम हैं, जहां शिक्षा माफियाओं को खुला संरक्षण मिल रहा है और सरकार उन्हें रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूटा: विपक्ष
विपक्ष का कहना है कि बार-बार होने वाले ये पेपर लीक देश के करोड़ों युवाओं के मनोबल को तोड़ने का काम कर रहे हैं। इन घटनाओं से न केवल छात्रों का समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि उनमें परीक्षा प्रणाली और सरकार के प्रति अविश्वास भी पैदा होता है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देशभर के लाखों युवा जो इन परीक्षाओं की तैयारी में अपना खून-पसीना एक करते हैं, उनके लिए यह घटनाएं निराशा और हताशा का कारण बन रही हैं। यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है और सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 27, 2026





