केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तेलंगाना के यदाद्री भुवनगरी जिले स्थित एम्स बीबीनगर का दौरा कर संस्थान की प्रगति का जायजा लिया। दरअसल उन्होंने कहा है कि लगभग 1,110 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह संस्थान केवल चार वर्षों में पूरी तरह कार्यशील स्थिति तक पहुंच गया है। उनके मुताबिक, एम्स बीबीनगर अब केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा हब बन चुका है। वहीं इस दौरान उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों, फैकल्टी और कर्मचारियों की भी सराहना की है।
दरअसल जेपी नड्डा ने बताया कि एम्स बीबीनगर में अब ओपीडी, इमरजेंसी, इनडोर मरीजों की सुविधा और कई आधुनिक जांच सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध हैं। वहीं यहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार का लक्ष्य देश के हर क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
जानिए जेपी नड्डा ने क्या कहा?
वहीं इस दौरान जेपी नड्डा ने बताया कि एम्स बीबीनगर में इस समय 132 फैकल्टी सदस्य, 133 सीनियर रेजिडेंट और कई सुपर स्पेशियलिटी विभाग सक्रिय हैं। दरअसल संस्थान का पहला एमबीबीएस बैच अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका है, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट और सुपर स्पेशियलिटी कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी एम्स की सफलता केवल भवन बनने से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध विशेषज्ञ डॉक्टरों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रिसर्च से तय होती है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में सीटी स्कैन, एमआरआई, डेक्सा स्कैन जैसी आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं शुरू हो चुकी हैं। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए हजारों मरीज घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले चुके हैं।
हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस
दरअसल अपने दौरे के दौरान जेपी नड्डा ने देशभर में एम्स नेटवर्क के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि पहले देश में केवल एक एम्स था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई नए एम्स संस्थानों को मंजूरी दी गई है। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य केवल बड़े अस्पताल बनाना नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि एम्स बीबीनगर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शेष काम भी तय समय के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।






