पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का बुधवार 8 अप्रैल 2026 की सुबह 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में करीब सुबह 4 बजे अंतिम सांस ली। दरअसल वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने एक अनुभवी और मजबूत नेता को खो दिया है।
दरअसल मोहसिना किदवई की अंतिम यात्रा बुधवार दोपहर करीब 3 बजे नोएडा स्थित उनके आवास से निकलेगी। इसके बाद शाम करीब 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अस्र की नमाज के बाद होने वाली इस अंतिम विदाई में उनके परिवार के सदस्य, समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के कई बड़े नेताओं के पहुंचने की संभावना है।
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लंबा राजनीतिक जीवन और अहम जिम्मेदारियां
बता दें कि मोहसिना किदवई भारत की जानी-मानी और वरिष्ठ महिला नेताओं में गिनी जाती रही हैं। वह लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रमुख नेताओं में शामिल रहीं और देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। अपने अनुभव, समझ और सक्रियता के कारण उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बनाई है।
साल 1932 में जन्मी मोहसिना किदवई ने कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। शुरुआती दौर से ही वह पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय रही हैं। जमीनी स्तर पर काम करने की वजह से उनका लोगों से सीधा जुड़ाव बना रहा है और उन्हें व्यापक जनसमर्थन भी मिलता रहा है।
अपने लंबे राजनीतिक जीवन में मोहसिना किदवई कई बार सांसद भी रही हैं। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। संसद में रहते हुए उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया है, नीतियों पर चर्चा में सक्रिय भाग लिया है और कानून बनाने की प्रक्रिया में भी योगदान दिया है।
केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी अहम जिम्मेदारियां संभाली
केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी मोहसिना किदवई ने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने शहरी विकास, पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में काम किया है। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने शहरों की सुविधाओं को बेहतर बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कई पहल की हैं।
मोहसिना किदवई उन शुरुआती मुस्लिम महिला नेताओं में से एक मानी जाती हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई है। जिस दौर में राजनीति में महिलाओं की संख्या काफी कम थी, उस समय भी उन्होंने अपने काम और नेतृत्व के दम पर अलग पहचान बनाई है। उनका जीवन कई महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जाता है।