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विनेश फोगाट और सोमवीर राठी के घर गूंजी किलकारी, ओलंपियन ने बेटे को दिया जन्म, बधाइयों का सिलसिला जारी

Written by:Shruty Kushwaha
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विनेश का खेल जीवन प्रेरणादायक कहानी की तरह है। उन्होंने न सिर्फ मैट पर बल्कि मैट के बाहर भी अपने साहस का परिचय दिया। पेरिस ओलंपिक 2024 में अयोग्य होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और फिर शुरु हुआ उनका राजनीतिक सफर। उनकी उपलब्धियां और संघर्ष भारतीय खेल इतिहास में हमेशा याद किए जाएंगे। अब वे मां बन चुकी हैं और उनके जीवन का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ है।
विनेश फोगाट और सोमवीर राठी के घर गूंजी किलकारी, ओलंपियन ने बेटे को दिया जन्म, बधाइयों का सिलसिला जारी

प्रसिद्ध रेसलर और हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट के घर किलकारी गूंजी है। उन्होंने मंगलवार सुबह दिल्ली के अपोलो अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनके मां बनने की खबर सामने आने के बाद खेल जगत और राजनीतिक हलकों से बधाइयों का सिलसिला शुरु हो गया है।

विनेश फोगाट ने 2018 में उन्होंने रेसलर सोमवीर राठी से विवाह किया था। इस साल 6 मार्च को अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा इंस्टाग्राम पर की थी। उन्होंने अपने पति सोमवीर राठी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा था “हमारी प्रेम कहानी एक नए अध्याय के साथ जारी है।”

विनेश फोगाट के घर आया नन्हा मेहमान 

भारत की स्टार रेसलर और जुलाना विधानसभा से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने मंगलवार को एक बेटे को जन्म दिया है। दिल्ली के अपोलो अस्पताल में सुबह लगभग साढ़े दस बजे सिजेरियन डिलीवरी के जरिए बच्चे का जन्म हुआ। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि विनेश और उनका नवजात बेटा दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है। फोगाट परिवार में नए सदस्य के आगमन की खबर के बाद से उनके फैन्स में खुशी की लहर है। उन्हें कई जगह से बधाइयां मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर भी लोग नवजात शिशु पर अपना स्नेह लुटा रहे हैं।

कुश्ती छोड़ने के बाद रखा राजनीति में कदम

बता दें कि विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 50 किलोग्राम वर्ग में फाइनल तक का सफर तय किया था। उसी साल उन्होंने कुश्ती से संन्यास ले लिया था। वह ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थीं लेकिन वजन जांच में 100 ग्राम अधिक पाए जाने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। कुश्ती छोड़ने के बाद बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जुलाना से कांग्रेस विधायक के रूप में चुनी गईं और अब मां के रूप में उनके जीवन का एक और सुखद अध्याय शुरु हुआ है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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