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झाँसी अस्पताल में बच्चों की मौत पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा, पूछे प्राथमिकता पर सवाल, मुआवजे और त्रि-स्तरीय जाँच के आदेश

Written by:Atul Saxena
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अखिलेश यादव ने कहा ये सीधे-सीधे चिकत्सीय प्रबंधन व प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर ख़राब क्वॉलिटी के आक्सीजन कॉन्संट्रेटर का। इस मामले में सभी ज़िम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
झाँसी अस्पताल में बच्चों की मौत पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा, पूछे प्राथमिकता पर सवाल, मुआवजे और त्रि-स्तरीय जाँच के आदेश

10 children died in Jhansi Medical College Hospital: उत्तर प्रदेश के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बने NICU में शुक्रवार को हुए अग्निकांड ने 10 परिवारों को ऐसा दर्द दिया है जिसपर मरहम लगाना संभव नहीं है। हालाँकि योगी सरकार ने मृतक बच्चों के परिजनों को 5-5  लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है और घटना की त्रि स्तरीय जाँच के आदेश भी दिए हैं लेकिन विपक्ष का पारा चढ़ा हुआ है, अखिलेश यादव, राहुल गांधी, जीतू पटवारी सहित तमाम विपक्षी नेता योगी सरकार पर हमलावर हैं और उससे उसकी प्राथमिकता पर सवाल पर रहे हैं।

शुक्रवार की रात झाँसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती उन बच्चों की आखिरी रात बन गई जिन्होंने कुछ समय पहले ही जन्म लिया था, एनआईसीयू में हुए इस अग्निकांड में निकली बच्चों की चीखों ने उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, शुरूआती जाँच में सामने आया है कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में स्पार्किंग की वजह से आग लगी जिसने NICU को अपनी चपेट में ले लिया जिसमें 10 नवजात जिन्दा जल गए, स्टाफ ने 39 बच्चों की सुरक्षित बाहर निकाल  लिया डॉक्टर उनपर विशेष निगरानी रखे हुए हैं।

आर्थिक सहायता की घोषणा, त्रि स्तरीय जांच के आदेश 

घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को झाँसी जाने के निर्देश दिए हैं, सरकार ने
मृतक बच्चों के पीड़ित परिजनों को 5-5 लाख रुपए एवं घायलों को 50-50 हजार रुपए देने का फैसला किया है साथ ही घटना की त्रि स्तरीय जाँच के आदेश भी दिए हैं, आयुक्त, उप महानिरीक्षक पुलिस एवं अग्नि शमन विभाग को जाँच सौंपी गई है।

जीतू पटवारी का सवाल, क्या यही सरकार की प्राथमिकता?

उधर इस घटना के बाद विपक्ष के नेता योगी सरकार पर हमलावर हैं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर लिखा – यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। दुर्भाग्यवश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अन्य राज्यों में जाकर काटने मारने के बयान देने और विकास के झूठे दावे करने में व्यस्त हैं, जबकि अपने राज्य की व्यवस्थाओं को सुधारने में विफल रहे हैं। क्या यही सरकार की प्राथमिकता है?

अखिलेश यादव ने लिखा- जिम्मेदारों पर हो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा – आग का कारण ‘ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर’ में आग लगना बताया जा रहा है। ये सीधे-सीधे चिकत्सीय प्रबंधन व प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर ख़राब क्वॉलिटी के आक्सीजन कॉन्संट्रेटर का। इस मामले में सभी ज़िम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री जी चुनावी प्रचार छोड़कर, ‘सब ठीक होने के झूठे दावे’ छोड़कर स्वास्थ्य और चिकित्सा की बदहाली पर ध्यान देना चाहिए। जिन्होंने अपने बच्चे गंवाएं हैं, वो परिवारवाले ही इसका दुख-दर्द समझ सकते हैं। ये सरकारी ही नहीं, नैतिक ज़िम्मेदारी भी है।

राहुल गांधी ने साधा निशाना, लिखा ये  प्रशानिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण 

राहुल गांधी ने लिखा – पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक हो रही इस तरह की दुखद घटनाएं सरकार और प्रशासन की लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं।सरकार सुनिश्चित करे कि घायल बच्चों का बेहतर से बेहतर इलाज हो।साथ ही इस दुखद घटना की तुरंत जांच कराई जाए और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई हो।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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