संसद के मानसून सत्र 2026 का आज आखिरी दिन है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच यह सत्र समाप्त होने जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्र अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आज यानी 13 अगस्त को खत्म हो रहा है। लोकसभा के आधिकारिक कैलेंडर में इस पूरे सत्र के लिए कुल 19 बैठकें तय की गई थीं। इस पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखे मतभेद देखने को मिले। इसके कारण कई बार सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई। विपक्ष ने लगातार अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए जवाब की मांग की, वहीं सरकार ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की। इस सत्र में मुख्य रूप से छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष लगातार इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा था। इस मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह सदन में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आज इस मामले पर उनके जवाब देने की संभावना है।
सत्र के दौरान विपक्ष ने छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, सत्ता पक्ष का लगातार यही कहना रहा कि सरकार नियमों के तहत सभी जरूरी और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इसलिए विपक्ष को हंगामा करने के बजाय सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। मानसून सत्र शुरू होने से पहले भी सरकार ने सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सदन को शांतिपूर्वक चलाने में सहयोग की अपील की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में सरकार ने साफ किया था कि नियमों के दायरे में उठाए जाने वाले हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर वह चर्चा के लिए तैयार है।
कई अहम विधेयकों पर हुआ काम
अगर विधायी कामकाज की बात करें तो संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर काम आगे बढ़ाया गया है। इनमें एंटी पेपर लीक बिल, सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक, केरल का नाम बदलने से संबंधित विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, सत्र के दौरान कुल 19 विधेयकों के पारित होने के दावे को आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड में अलग-अलग बिलों की वास्तविक स्थिति देखने के बाद ही अंतिम माना जाना चाहिए। बिना आधिकारिक सत्र-समापन रिपोर्ट के इस संख्या को पूरी तरह सही आंकड़ा बताना जल्दबाजी होगी।
कई बड़े बिल अब भी पेंडिंग
इसके साथ ही कई बड़े और महत्वपूर्ण विधेयक अब भी संसद के रिकॉर्ड में लंबित दिखाई दे रहे हैं। इनमें वर्ष 2026 का परिसीमन विधेयक शामिल है, जो फिलहाल लोकसभा के रिकॉर्ड में लंबित है। इसके अलावा फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन यानी FCRA संशोधन विधेयक 2026 भी पेंडिंग विधेयकों की सूची में बना हुआ है। गृह मंत्रालय से जुड़ा यह महत्वपूर्ण विधेयक भी लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में अभी लंबित दिखाया गया है। आज 13 अगस्त को इस सत्र की 19वीं और आखिरी बैठक हो रही है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आखिरी दिन सदन में कितना विधायी काम हो पाता है। पूरे सत्र में तीखी राजनीतिक बहस के साथ कई विधायी काम जरूर हुए, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के कारण सदन का कामकाज प्रभावित भी हुआ। इसकी अंतिम तस्वीर सत्र के समापन के बाद जारी होने वाली आधिकारिक रिपोर्ट से ही पूरी तरह साफ हो पाएगी।






