CJP नेता सौरव दास के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका, बैकग्राउंड जांचने की मांग, नोटिस जारी, आशुतोष रांका का रिएक्शन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका के साथ संलग्न कुछ दस्तावेजों का हवाला दिया जो कथित तौर पर सौरव  दास की पहचान और पते से जुड़े हैं। पीठ ने इन दस्तावेजों की जांच की और उनमें दर्ज कुछ विवरणों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
PIL against Sourav Das Ashutosh Ranka reaction

PIL against Sourav Das Ashutosh Ranka reaction

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को कन्वेनर/प्रवक्ता सौरव दास की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, आधार कार्ड में पिता के कॉलम में दो अलग अलग नाम चर्चा में आने के बाद उनकी पहचान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी हालाँकि पिछले दिनों अदालत में  जमानत के लिए दिए गए दस्तावेजों के सामने आने बाद इस बहस पर थोड़ा विराम लग गया था लेकिन अब उनके खिलाफ एक जनहित याचिका मद्रास हाई कोर्ट में दायर की गई है।

मद्रास हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को कन्वेनर/प्रवक्ता सौरव दास एक खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई है याचिका में उनके बैकग्राउंड की जाँच सहित उनके माता पिता की जानकारी भी मांगी गई है, याचिका में कहा गया है कि अगर सौरव दास के खिलाफ किसी भी तरह के आरोप साबित होते हैं तो उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड को रद्द किये जाएं।

सोशल मीडिया एकाउंट बंद करने की मांग

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक याचिकाकर्ता गणेश कुमार ने अपनी याचिका में सौरव दास पर सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने के भी आरोप लगाए गए हैं और उनके अकाउंट्स बंद करने की मांग की है।  याचिका पर  मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने सौरव दास, केंद्र सरकार और कुछ निजी पक्षों सहित विभिन्न प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।

आशुतोष रांका ने जांच की मांग को शर्मनाक पल कहा 

सौरव दास के खिलाफ लगाई गई याचिका पर आशुतोष रांका की प्रतिक्रिया आई है, उन्होंने X पर लिखा- यहाँ जो हो रहा है, वह सामूहिक शर्म का एक पल है। किसी को सिर्फ इसलिए परेशान करना क्योंकि आपको उसका काम पसंद नहीं है – हम आखिर कब तक यह सब बर्दाश्त करते रहेंगे?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews