प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में एक चुनावी जनसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को ‘सबसे भ्रष्ट परिवार’ बताते हुए असम की दशकों तक उपेक्षा करने का आरोप लगाया। मोदी ने जनसभा में उमड़े भारी जनसमूह और युवाओं के जोश को ‘अभूतपूर्व’ बताया, जिसे उन्होंने भाजपा की एक और जीत की गारंटी कहा।
मोदी ने डिब्रूगढ़ में मौजूद विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें कई बार यहां आने का अवसर मिला है, लेकिन ऐसा जोश और उत्साह उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने दावा किया कि यह उत्साह कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब बनेगा, जो पहले से ही ‘हैरान-परेशान’ है। मतदान से ठीक पहले ऐसी तस्वीरें कांग्रेस को और भी ‘पस्त’ कर देंगी। प्रधानमंत्री ने इस जनसमूह को ‘एक बार फिर भाजपा सरकार’ की गारंटी बताया।
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प्रधानमंत्री ने रैली में मौजूद युवा साथियों को खास तौर पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2016 से पहले कांग्रेस के शासनकाल की बातें शायद इन युवाओं को उतनी याद न हों। मोदी ने कांग्रेस के असम के प्रति ‘सौतेले रवैये’ का एक बड़ा उदाहरण दिया। उन्होंने नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक के हाइवे का जिक्र किया, जिसे 2005 में स्वीकृत किया गया था। लेकिन, कांग्रेस सरकार की उपेक्षा के चलते 2013 तक इस परियोजना पर कोई काम नहीं हो पाया। उस समय केंद्र में कांग्रेस की ही सरकार थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री भी असम से ही थे, फिर भी इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर ध्यान नहीं दिया गया।
कांग्रेस का ‘शाही परिवार’ और भ्रष्टाचार
मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए उसके ‘तथाकथित शाही परिवार’ को देश का ‘सबसे भ्रष्ट परिवार’ बताया। उन्होंने कहा कि असली ‘Land ATM’ तो यही परिवार है, जो देश की संपत्तियों को हड़पने का काम करता रहा है। प्रधानमंत्री ने ‘नेशनल हेराल्ड घोटाला’ का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हजारों करोड़ रुपये की जमीन हड़पने का आरोप है। यह मामला अभी भी अदालत में चल रहा है और इस पर कानूनी कार्यवाही जारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा असम की जनता की उपेक्षा की, जबकि भाजपा ने उनकी आकांक्षाओं को ‘सिर आंखों पर’ रखा है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के दशकों के कुशासन ने असम की कनेक्टिविटी पर कभी ध्यान नहीं दिया। इसका सीधा असर यहां के विकास और लोगों के जीवन पर पड़ा। भाजपा-NDA सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है।
असम में कनेक्टिविटी और विकास की नई इबारत
मोदी ने भाजपा सरकार द्वारा असम में किए गए प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बोगिबिल ब्रिज, भूपेन हजारिका सेतु और जोरहाट-माजुली सेतु जैसे बड़े पुलों के निर्माण की बात कही। प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों पर बन रहे ऐसे अनेक सेतु इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर पहुंचा रहे हैं। इन परियोजनाओं ने असम की भौगोलिक बाधाओं को दूर कर व्यापार, पर्यटन और आवागमन को सुगम बनाया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को असम की शानदार विरासत से जोड़ा। उन्होंने बताया कि अहोम, कोच-राजबंशी, मोरन, मोतोक, मिसिंग, देवरी जैसे अनेक समाज सदियों से यहां पूरे सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। भले ही कोई असमिया बोलता हो, कोई बांग्ला, और कोई हिंदी, लेकिन हर कोई ‘विकसित असम’ और ‘विकसित भारत’ चाहता है। यह भावना ही देश को आगे ले जाने का मूलमंत्र है।
मोदी ने असम की महान संतानों को भी याद किया, जिन्होंने समाज को दिशा दी। उन्होंने भारत रत्न भूपेन हजारिका जी, भारत रत्न लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई जी और महान नायक ज्योति प्रसाद अग्रवाला जी का नाम लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी महान पूर्वजों की प्रेरणा से आज भाजपा-NDA सरकार डिब्रूगढ़ को फिर से समृद्धि का, व्यापार और कारोबार का एक बहुत बड़ा हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिब्रूगढ़ की ऐतिहासिक और भौगोलिक स्थिति इसे व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए आदर्श है।
असम को ‘पावर कैपिटल’ बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस न सिर्फ भ्रष्ट रही है, बल्कि उसमें काम करने की इच्छाशक्ति भी नहीं रही है। इसका सीधा नतीजा यह हुआ कि असम की कई पीढ़ियों को लंबे समय तक बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिले और राज्य का औद्योगिक विकास बाधित रहा।
इसके विपरीत, भाजपा-NDA सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम कर रही है, जिसका उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। मोदी ने असम को देश की ‘पावर कैपिटल’ बनाने का अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इस बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने में डिब्रूगढ़ एक ‘प्रमुख केंद्र’ बनने जा रहा है। सरकार की योजनाएं और नीतियां डिब्रूगढ़ को ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रही हैं, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पूरे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। यह रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि का एक नया अध्याय लिखेगा।