प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में दोपहर 1 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में पीएम मोदी देश के जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम के सदस्यों के साथ सीधी बातचीत करेंगे।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो भारत के उद्यमिता परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस दौरान कुछ चुनिंदा स्टार्टअप संस्थापक प्रधानमंत्री के साथ अपने उद्यमशीलता के सफर, चुनौतियों और सफलताओं के अनुभव साझा करेंगे।
क्या है स्टार्टअप इंडिया पहल?
केंद्र सरकार ने 16 जनवरी, 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना था। इस योजना का लक्ष्य भारत को ‘रोजगार मांगने वालों’ के बजाय ‘रोजगार पैदा करने वाला’ देश बनाना था, जो पिछले एक दशक में काफी हद तक सफल होता दिखा है।
एक दशक में बदला स्टार्टअप इकोसिस्टम
पिछले 10 वर्षों में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते इकोसिस्टम में से एक बन गया है। इस दौरान हजारों स्टार्टअप्स ने न केवल यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों तक उद्यमिता की भावना का प्रसार भी हुआ है। यह पहल देश में एक नई आर्थिक क्रांति की नींव रखने में सफल रही है।
भविष्य की दिशा और नई घोषणाएं
इस ऐतिहासिक अवसर पर सरकार भविष्य का रोडमैप भी पेश कर सकती है। उम्मीद है कि डीप-टेक, मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जिला स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों और पहलों की घोषणा की जाएगी। इसका मकसद भारत को वैश्विक नवाचार और स्टार्टअप हब के रूप में और मजबूत करना है।
इस कार्यक्रम के साथ ही ‘स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क’ का पांचवां संस्करण और ‘नेशनल स्टार्टअप अवॉर्ड्स 5.0’ भी जुड़े हुए हैं, जो राज्यों और स्टार्टअप्स को उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित करेंगे। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के उस दृष्टिकोण को भी मजबूती देगा, जिसमें उन्होंने युवाओं से नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाला बनने का आह्वान किया है।





