मिडिल ईस्ट में फैला हुआ संकट कब तक चलेगा और इसका देश और दुनिया पर क्या असर होगा। इस बात की चर्चा हर जगह लोगों के बीच देखने को मिल रही है। संकट की इस घड़ी के बीच केंद्र सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे युद्ध के प्रभावों को न्यूनतम किया जा सके। एलपीजी से लेकर पेट्रोल डीजल और अन्य ईंधन की कमी ना हो इसके लिए रणनीति बनाते हुए काम किया जा रहा है।
इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी को ये कहते हुए देखा गया कि सभी राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर टीम इंडिया के रूप में काम करना होगा। संसद से दिए गए इस संदेश के बाद आज प्रधानमंत्री स्वयं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे। इस दौरान सभी राज्यों की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। ये तय किया जाएगा कि आमजन को युद्ध के प्रभावों से कैसे दूर रखा जा सकता है।
कोविड के समय भी बनाई थी रणनीति
ये पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री ने इस तरह से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। इसके पहले कोविड काल के समय भी पीएम ने सभी राज्यों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया था।
जनता तक पहुंचे हर सुविधा
प्रधानमंत्री संसद में अपने वक्तव्य के दौरान ये कह चुके हैं कि अगर युद्ध लंबा खींचा तो दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। ऐस में उन्होंने राज्य सरकारों से जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने सभी सरकारी योजनाओं के जरिए जनता तक पहुंच रही मदद को भी निर्बाध रूप से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
इस मुद्दे पर होगी चर्चा
केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा ये स्पष्ट कर दिया गया है कि देश में LPG या पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। ईंधन, ऊर्जा और खाद्य सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण है। जनता को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। इसके बावजूद भी कई जगह पेट्रोल पंप ये गैस एजेंसियों पर लोगों की कतार लगी हुई देखी जा रही है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य क्या करें और क्या तैयारियां की गई है। इसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।






