प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 31 अगस्त को चीन के तियानजिन में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण अवसर होगी।
इससे पहले खबर आई थी कि पीएम मोदी चीन में अपने प्रवास के दौरान न केवल शी जिनपिंग, बल्कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कई मध्य एशियाई नेताओं के साथ भी वार्ता करेंगे। यह मुलाकातें क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देंगी।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत और चीन के बीच विभिन्न मुद्दों, विशेष रूप से सीमा विवाद और व्यापार जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में तनाव रहा है, और यह मुलाकात इन तनावों को कम करने की दिशा में एक कदम हो सकती है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
भारत के उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ
गौरतलब है कि अमेरिका ने 27 अगस्त से भारत के उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लागू किया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया। यह कदम भारत के रूसी तेल आयात और सैन्य खरीद के जवाब में उठाया गया, जिससे भारत के 48-60 अरब डॉलर के निर्यात पर असर पड़ेगा। टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे, जबकि फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, और स्टील को छूट मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की जीडीपी में 0.2-0.5% की कमी आ सकती है और लाखों नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। भारत सरकार कूटनीतिक बातचीत और निर्यातकों को समर्थन देने पर ध्यान दे रही है।






