कांग्रेस नेता प्रभोद तिवारी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर जीएसटी सुधारों के प्रचार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि पिछले आठ वर्षों तक उन्हें बढ़े हुए जीएसटी का बोझ सहना पड़ा और अब कुछ उत्पादों पर इसे आंशिक रूप से कम किया गया है। तिवारी ने आरोप लगाया कि देश की जनता बीजेपी-नीत सरकार पर भरोसा नहीं करती।
प्रयागराज में एएनआई से बात करते हुए तिवारी ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने कहा, “लोग जानते हैं कि आठ साल पहले टैक्स को दोगुना बढ़ाया गया था और अब इसे आधा कम किया गया है, फिर भी यह अधिक है। पेट्रोलियम उत्पादों को भी इसके (जीएसटी) तहत शामिल करना चाहिए।” जीएसटी सुधार 22 सितंबर से लागू हो चुके हैं।
‘जनता की जेब से 50 लाख करोड़ रुपये लिए’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों में प्रचलित जीएसटी दरों के कारण जनता की जेब से 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक ले लिए गए। उन्होंने मांग की कि जीएसटी दरों में और कमी की जानी चाहिए। तिवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को यह स्पष्ट है कि टैक्स में कमी केवल आंशिक और अपर्याप्त है।
5 स्लैब को घटाकर केवल दो स्लैब किया
नए जीएसटी दर तर्कसंगतिकरण के तहत पहले के पांच स्लैब को घटाकर केवल दो स्लैब कर दिया गया है, साथ ही विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है। इसमें तंबाकू, पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी, मीठे पेय, लग्जरी वाहन, 350cc से ऊपर की हाई-एंड मोटरसाइकिल, यॉट और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। यह सुधार जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में इस महीने की शुरुआत में मंजूर किया गया था।





