प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 से 12 जनवरी तक गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। 10 जनवरी की रात पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर पहुंचे और ओंकार मंत्र के जाप में शामिल हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 11 जनवरी को श्रीमद विजय रत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं किताब के विमोचन कर अपना वीडियो संदेश जारी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इस पावन अवसर पर, सबसे पहले मैं भुवन भानु सूरीश्वरजी महाराज को प्रणाम करता हूं। प्रसांतमूर्ति सुविशाल गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद् विजय राजेंद्रसूरीश्वर जी महाराज साहब, पूज्य गच्छाधिपति श्री कल्पतरूसूरीश्वर जी महाराज साहब, सरस्वती कृपापात्र परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद् विजयरत्नसुंदरसूरीश्वर जी महाराज और इस समारोह में उपस्थित सभी साधु-साध्वियों को मैं नमन करता हूं।
महाराज साहब ने ज्ञान को जीवन में उतारा- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, आज हम सभी श्रीमद् विजयरत्न सुन्दर सुरिश्वरजी महाराज साहब की 500वीं पुस्तक के विमोचन के पुण्य भागी बन रहे हैं। महाराज साहब ने ज्ञान को सिर्फ ग्रंथों तक सीमित नहीं रखा है बल्कि उसे जीवन में उतार कर दिखाया है और दूसरों को भी जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया है। उनका व्यक्तित्व संयम, सरलता और स्पष्टता का अद्भुत संगम है।
उन्होंंनें कहा कि महाराज साहब की 500 रचनाएं एक ऐसा विशाल सागर है, जिसमें भांति-भांति के विचार रत्न समाहित हैं। इन पुस्तकों में मानवता की तमाम समस्याओं के सहज और आध्यात्मिक समाधान उपलब्ध हैं। समय और परिस्थितियों के अनुसार, जब किसी को जैसा मार्गदर्शन चाहिए, ये अलग-अलग ग्रंथ उसके लिए प्रकाश पुंज का काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने की 9 संकल्पों की बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सबको याद होगा कि मैं नवकार महामंत्र दिवस पर भी आया था। उस ऐतिहासिक अवसर पर मैंने 9 आग्रह किए थे और 9 संकल्पों की बात की थी। आज का यह अवसर उन्हें फिर से दोहराने का है। पहला संकल्प- पानी बचाने का संकल्प। दूसरा संकल्प- एक पेड़ माँ के नाम। तीसरा- स्वच्छता का मिशन। चौथा- वोकल फॉर लोकल। पांचवां- देश दर्शन। छठा- नेचुरल फार्मिंग को अपनाना। सातवां- हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना। आठवां- योग और खेल को जीवन में लाना। नौवां- गरीबों की सहायता का संकल्प।
युवा शक्ति विकसित भारत का निर्माण कर रही- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, आज हमारा भारत, विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी युवा शक्ति विकसित भारत का भी निर्माण कर रही है और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूत बना रही है। इस बदलाव में, महाराज साहब जैसे संतों का मार्गदर्शन, उनका साहित्य और उनके शब्द और जो हमेशा-हमेशा साधना से पुरस्कृत है, इनकी बहुत बड़ी भूमिका है। मैं एक बार फिर, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, उनकी 500वीं पुस्तक के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
PM @narendramodi‘s message during the release of Shrimad Vijayaratna Sunder Surishwarji Maharaj’s 500th book. https://t.co/5QrcO8oGc6
— PMO India (@PMOIndia) January 11, 2026





